Kohramlive : लेह में हालात गंभीर हैं। गत बुधवार को हुये हिंसक प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने कर्फ्यू लगा दिया है। हर कोने पर सुरक्षा कड़ी है और आवाजाही पर सख्त पहरा है। सड़कों पर सन्नाटा है, कंटीले तार लगे हुये हैं, एंबुलेंस के सायरन बीच-बीच में गूंज रहे हैं। हालांकि इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई है। युवा सोशल मीडिया पर एक्टिव रहे और प्रदर्शन को लेकर तीखी बहस जारी रही। सुरक्षा का तगड़ा इंतेजाम किया गया है। सड़क पर निकलने वालों की रोक-रोककर पूछताछ की जा रही है, केवल आवश्यक सेवाओं को छूट दी गई है। लेह के निवासियों ने ऐसे हालात पहले कभी नहीं देखे। घरों में चर्चा का मुख्य विषय रोजगार, युवाओं की नाराजगी और सुरक्षा हालात रहा। कर्फ्यू के बावजूद युवा सोशल मीडिया के माध्यम से अपने विचार साझा कर रहे हैं।
युवा असंतोष और रोजगार की समस्या
लेह के युवाओं में रोजगार को लेकर गहरी निराशा है। सोशल मीडिया पर तर्क-वितर्क जारी है। कुछ युवा लद्दाख स्वायत्त पर्वतीय विकास परिषद पर निशाना साध रहे थे, जबकि कुछ लद्दाख प्रशासन को जिम्मेदार मान रहे थे। ऑल इंडिया लद्दाख स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष स्टेंजिन के हवाले से मीडिया में आई खबर के अनुसार जम्मू से भी कई युवा उनके पास संपर्क कर रहे थे और हालात जानना चाहते थे। “लद्दाख में जो प्रदर्शन हुआ उसकी जड़ में सबसे बड़ा मसला रोजगार है। युवा वर्तमान स्थिति से बेहद निराश हैं।”








