Kohramlive : बिहार की राजधानी पटना में नवनिर्मित बापू टावर बनकर तैयार हो गया है। CM नीतीश कुमार आज यानी 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन इसका उद्घाटन करेंगे। गर्दनीबाग में देश का पहला और सबसे बड़ा बापू टावर बनाया गया है। 2 अक्टूबर 2018 में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर नीतीश कुमार ने इसका शिलान्यास किया था। 6 साल बाद CM नीतीश के ड्रीम प्रोजेक्ट में से एक बापू टावर पूरी तरह से बनकर तैयार है। इसकी कुल लागत 129 करोड़ है। 7 एकड़ में फैले इस टावर की ऊंचाई 120 फीट है। इसमें 6 मंजिल है। एक ऑडिटोरियम है। रात में लाइटिंग के दौरान बापू टावर सोने की तरह चमकता हुआ दिखता है।
इस टावर के दो मुख्य हिस्से हैं। एक भवन रेक्टेंगुलर शेप में है। वहीं, दूसरा गोलाकार (कोन) शेप में है। बापू टावर के गोलाकार भवन की बाहरी दीवार पर तांबे की परत लगी है। जिसका वजन 42 हजार किलोग्राम है। दोनों बिल्डिंग एक दूसरे से कनेक्टेड है। रेक्टेंगुलर भवन में तीन ऐग्जीबिशन गैलरी, ऑडिटोरियम, अस्थाई ऐग्जीबिशन गैलरी, ऑफिस रूम, वेटिंग रूम, म्यूजियम, शॉप और कैंटीन है। जबकि 120 फीट ऊंचे गोलाकार भवन में लगातार 5 रैम्प हैं। इस पर महात्मा गांधी के जीवन से संबंधित सभी जानकारियां, म्यूरल (दीवार पर पेंटिंग), कट आउट, स्क्रीन प्रोजेक्टर के जरिये बताई जायेगी। टावर के अंदर 4 लिफ्ट की सुविधायें भी है। उद्घाटन के बाद आज से यह आम लोगों के लिए भी खोल दिया जायेगा। टावर में एंट्री के लिए 50 से 100 रुपये की टिकट लेनी होगी। वहीं पार्किंग चार्ज भी लगेगा।







