Ranchi (Rupam/Sanjay) : कोर्ट में गवाही ना दे सके इसलिए ठिकाने लगा दिया। मर्डर को एक्सीडेंट साबित करने की पूरी कोशिश की गई, मगर अपराधी पकड़े गए और राज खुल गया। 27 सितंबर को मांडर थाना क्षेत्र के मुड़मा में पिकअप वैन की टक्कर से रविंद्रनंद तिवारी की मौत हो गई थी। मृतक के बेटे विवेक तिवारी ने मांडर थाने में विशाल आनंद साहू, विकास साहू और विक्रम साहू के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इल्जाम था कि इनलोगों ने साजिश रच कर उनके पिता रविंद्र नंद तिवारी की हत्या करवा दी। रविंद्र को सलटाने का जिम्मा मुड़मा के ही रहने वाले शमीम अंसारी को मिला। 5 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। इस काम में 4 लोगों को लगाया गया। जिसमें मुड़मा का रहने वाला जियाउल अंसारी, अल्ताफ अंसारी उर्फ चरकू उर्फ बुतरू, जिसान अंसारी और इटकी के गुलामटोली का रहने वाला आफताब खान उर्फ सद्दाम शामिल है। सभी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सभी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस को दिये अपने ब्यान में अपराधियों ने राज खोला कि विकास साहू और जेल में बंद उसके भाई विशाल आनंद साहू के कहने पर ही रविंद्र को पिकअप वैन से टक्कर मार मौत के घाट उतार दिया गया था। गिरफ्तार अपराधियों के बयान पर पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है। साथ ही हत्या की साजिश रचने के आरोपियों की तलाश कर रही है।
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