Ranchi : झारखंड की सियासत में एक बार फिर बैलेट पेपर की आहट सुनाई दे रही है। इस बार नगर निकाय चुनाव EVM नहीं, बैलेट पेपर से कराये जायेंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने फैसला लेते ही बैलेट पेपर की छपाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। नगर निकाय चुनाव के लिये करीब 45 लाख बैलेट पेपर छापे जायेंगे। आयोग के निर्देश पर राज्य के सभी जिलों में चुनावी तैयारियां भी रफ्तार पकड़ चुकी हैं। वार्डों का निर्धारण, मतदान केंद्रों की पहचान, प्रशासनिक स्तर पर जरूरी व्यवस्थायें, सब कुछ अब चुनावी मोड में है। बताया जा रहा है कि EVM की अनुपलब्धता के चलते यह फैसला लिया गया है। नगर निकाय चुनाव के लिये जितनी EVM की जरूरत है, उतनी राज्य में मौजूद नहीं हैं। पहले दूसरे राज्यों से EVM मंगाई जाती थीं, लेकिन इस बार पड़ोसी राज्यों से भी मदद नहीं मिल सकी। इतना ही नहीं, जो EVM उपलब्ध हैं, उनकी वैधता अवधि भी पूरी हो चुकी है।
कंपनियों ने मांगा एक साल का वक्त
EVM बनाने वाली कंपनियों ने नई मशीनें उपलब्ध कराने के लिये कम से कम एक साल का समय मांगा है। ऐसे में आयोग के सामने बैलेट पेपर ही सबसे व्यावहारिक विकल्प बनकर उभरा। आयोग ने बैलेट बॉक्स के रंग-रोगन, चुनाव कर्मियों के लिए बुकलेटों के प्रकाशन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। राहत की बात यह है कि राज्य निर्वाचन आयोग के पास पर्याप्त बैलेट बॉक्स पहले से मौजूद हैं। गौरतलब है कि झारखंड में पिछला नगर निकाय चुनाव EVM से हुआ था। लेकिन इस बार मतदान का फैसला कागज की पर्ची पर होगा। नगर निकाय चुनाव में बैलेट पेपर दो रंगों में होंगे, गुलाबी बैलेट पेपर अध्यक्ष पद के लिये एवं सफेद बैलेट पेपर वार्ड सदस्य के लिये। मतदाता को दो अलग-अलग बैलेट पेपर मिलेंगे और उन्हें अलग-अलग बैलेट बॉक्स में डालना होगा।
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