Ranchi : खुद को फेमस करने के इरादे से मनोज यादव बड़ा गुनाह कर गया। उसपर इल्जाम है कि उसने और उसके कुछ दोस्तों ने फेमस होने के लिये तमिलनाडु के तिरूपुर और कोयंबटूर से दो फेक वीडियो बना वायरल कर दिया। वायरल वीडियो में उसने दावा किया कि तमिलनाडु में झारखंड और बिहार के मजदूरों के साथ अन्याय हो रहा है। यहां उन्हें मारा-पीटा जा रहा है। उन्हें बचाया जाये। तमिलनाडु पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद मनोज ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है। तमिलनाडु में बिहार के प्रवासी मजदूरों पर हमले का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर डालने के इल्जाम में जमुई से अमन नाम के एक लड़के को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस बात की जानकारी तमिलनाडु पुलिस ने ट्वीट कर मीडिया को दी है। गिरफ्तार मनोज यादव झारखंड का ही रहनेवाला बताया गया। वो खुद बीते 25 साल से तमिलनाडु में है, उसे कभी कोई दिक्कत नहीं हुई। उसने फेक वीडियो डालने के लिए सभी से माफी मांगी है। फेमस होने की खातिर उसने जानबुझ कर यह वीडियो बनाया। तमिलनाडु की तांबरम सिटी पुलिस ने मनोज यादव को जेल भेज दिया। वहीं आम और खास से अपील की है कि अफवाह न फैलाये।
CM हेमंत सोरेन ने झारखंड से तमिलनाडु भेजा था स्पेशल टीम
प्रवासी मजदूरो के साथ नाइंसाफी होने का वीडियो वायरल होने के बाद झारखंड के CM हेमंत सोरेन ने भी झारखंड से एक स्पेशल टीम को तमिलनाडु भेजा। टीम ने भी यह खुलासा किया कि तमिलनाडु में किसी प्रवासी मजदूरों के साथ नाइंसाफी नहीं हुई है। उन्हें कोई जिल्लत, जलालत और अपमानित नहीं किया गया है। सब कोरा बकवास है। यह सोसल मीडिया का कारनामा है। सब गलत है। वहां रहनेवाले सभी प्रवासी मजदूर सही-सलामत हैं। तमिलनाडु के शासन-प्रशासन ने वायरल वीडियो को काफी गंभीरता से लिया, वहीं पूरे मामले की गहराई से तहकीकात कर सच्चाई सामने ले आई। वहीं असली गुनाहगार के चेहरे को भी बेनकाब कर दिया।
तमिलनाडु पुलिस ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है कि झारखंड के मनोज यादव और उनके मित्र खुद प्रवासी मजदूर है। दोनों मराईमलाई नगर क्षेत्र में रहनेवाले प्रवासी श्रमिक हैं। मनोज यादव ने एक फेक वीडियो बनाया कि यहां प्रवासी मजदूरों को मारा-पीटा जाता है। वो बहुत दिक्कत में हैं। उनकी मदद की जाये। तमिलनाडु में हिंदी भाषी मजदूरों के साथ मारपीट की खबर सोशल मीडिया पऱ खूब वायरल हुई। इसका असर यह है हुआ कि झारखंड और बिहार के मजदूर अपने घर वापस लौटने लगे। झारखंड विधानसभा में भी गोमिया विधायक लंबोदर महतो ने इस मामले को उठाया। इसके बाद झारखंड के CM हेमंत सोरेन ने इस मामले को काफी गंभीरता से लिया था।
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