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दो शूटरों के एनकाउंटर के बाद डर गया डॉन का बेटा… देखें

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KohramLive : चंद माह पहले जुर्म की दुनिया में कदम रखने वाला असद अहमद अब भागा-भागा फिर रहा है। वो यूपी के बहुचर्चित उमेश पाल हत्याकांड का मास्टर माइंड माना जा रहा है। असद के बारे में यह बातें सामने आई है कि उसने जोश में होश खो दिया। उमेश पाल को ठिकाने लगाने में सारे शूटरों की भूमिका पहले से तय थी। इसका रिहर्सल भी किया गया था। उमेश पाल और उनके दोनों गनर को कैसे बारी-बारी से ठिकाने लगाना है, ये भी तय हो चुका था। वारदात को अंजाम देने के दौरान माफिया डॉन अतीक अहमद के छोटा बेटा असद को गाड़ी में ही रहना था, पर वह अचानक जोश में बाहर आ गया और उमेश पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। रातों-रात वो अपराध जगत में फेमस हो गया। अब वो मोस्ट वांटेड है।

जेल में बोला अतीक- इस बार बड़ी गलती हो गई

यूपी पुलिस अब असद को बहुत जोर-शोर से खोज रही है। पुलिस की कई टीम ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। घटना को अंजाम देने वाले शूटर अरमान, गुड्डू मुस्लिम, साबिर और गुलाम के सिर ढाई-ढाई लाख रुपये का इनाम ऐलान कर दिया गया है। वहीं इन शूटरों को खोज निकालने की खातिर कई तेज-तर्रार पुलिस अफसरों और STF को लगाया गया है। करीब 15 स्पेशल टीम बनाई गई है। संदेह है कि फरार शूटर कोलकाता, बिहार या फिर झारखंड में भी पनाह ले सकते हैं। वहीं गुजरात के साबरमती जेल में बंद माफिया डॉन अतीक और बरेली जेल में बंद उसके भाई अरशद को रिमांड पर लेने की तैयारी की जा रही है। दो शूटरों कै एनकाउंटर हो चुका है। फरार सभी शूटरों को यह डर सताने लगा है कि अब वो नहीं बचेंगे। वहीं जेल में बंद माफिया अतीक भी जेल के अंदर अपने कुछ करीबीयों से यह कहने लगा है कि इस बार उससे बड़ी गलती हो गई। विधानसभा का सत्र चलने के दौरान ये घटना नहीं करानी चाहिए थी। इसकी टाइमिंग गलत हो गई।

हुकूमत पर खूरेंच लगने का अतीक को सताने लगा था डर

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अपने भाई अली और उमर के सरेंडर कर जेल चले जाने के बाद डॉन अतीक गैंग की कमान असद ने संभाल ली थी। वह अपने बार अतीक की तरह ही गुर्गों को हुक्म देता था। माफिया के करीबी उसे छोटे कहकर पुकारते थे। वह गिरोह का संचालन लखनऊ के एक फ्लैट में रहकर करता था। मंहगी घड़ियों और फोन का शौकिन असद के ताल्लुकात कोलकाता के बंदरगाह इलाके के कुछ चर्चित चेहरों के साथ भी है। पुलिस को आशंका है कि घटना को अंजाम देने के बाद सारे शूटर प्रयागराज के सैदाबाद में रूके थे। यहां से अगले रोज सुबह-सुबह सभी इधर-उधर भागे। कुछ शूटर के कोलकाता में पनाह लेने की बात सामने आई है। फिलहाल किसी शूटर के विदेश भागने का कोई प्रमाण नहीं मिला है। उमेश पाल और माफिया अतीक अहमद की अदावत के पीछे का कारण करोड़ो रुपये के लेनदेन की बात मीडिया में उछली है। अतीक को यह भी डर सताने लगा था कि उसकी हुकूमत पर खुरेंच लग सकती है। उसे उमेश से खतरा महसूस होने लगा था। प्रयागराज में वर्चस्व खत्म होने के डर से अतीक ने उमेश को ठिकाने लगाने की पूरी प्लानिंग बना ली।

अतीक गैंग में दो साल पहले हुई थी उस्मान की इंट्री

बीते 24 फरवरी को उमेश पाल और सिपाही संदीप निषाद को पहली गोली मारने वाले शूटर विजय चौधरी उर्फ उस्मान एक ऐसा नाम था, जिसे सोमवार से पहले कोई नहीं जानता था। प्रयागराज में पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के बाद विजय चौधरी उर्फ उस्मान की जीवन कुंडली सामने आ गई। करीब दो साल पहले डॉन अतीक गैंग में उसकी इंट्री शूटर गुलाम हसन ने कराई थी। एक सीमेंट एजेंसी में गाड़ी चलाने वाला विजय को गैंग का भौकाल भाने लगा। वह हथियार चलाने का मास्टर हो गया। उसकी इस काबलियत को देख ही उसे उमेश पाल की हत्या के लिए चुना गया था। अगर उस रोज सब कुछ ठीक-ठाक होता तो विजय ही उमेश और सिपाहियों को मारकर भाग जाता। किसी की जरूरत ही नहीं पड़ती, लेकिन गोली लगने के बाद उमेश घर के अंदर की ओर भाग गया। इसके बाद गुलाम, असद और गुड्डू मुस्लिम ने मोर्चा संभाल लिया। साबिर और अरमान भी फायर करते हुए अंदर घुस गये। पुलिस एनकाउंटर में विजय के मारे जाने के बाद उसकी बीवी सुहानी ने मीडिया से इतना कहा कि जिसका डर था, वही हो गया।

उमेश पाल

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