Ranchi : झारखंड के हज यात्रियों को उनके राज्य से सीधे हज यात्रा पर भेजने के लिये बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से उड़ान की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा के निर्देश पर आयोग ने झारखंड के हज यात्रियों के लिये बिरसा मुंडा एयरपोर्ट रांची को फिर से इम्बार्केशन प्वाइंट बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है। इस संदर्भ में, राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने सचिव नागरिक उड्डयन मंत्रालय और सचिव अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार को एक पत्र भेजा है। पिछले कुछ वर्षों में झारखंड के हज यात्रियों को बहुत सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। 2009 में बिरसा मुंडा एयरपोर्ट को इम्बार्केशन प्वाइंट का दर्जा मिला था, जिससे हर साल लगभग 3000 से 3200 हज यात्री रांची से सीधे जेद्दा के लिये उड़ान भरते थे। लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण 2020-21 में हज यात्रा पर रोक लगने के बाद से स्थिति बदली।
वर्ष 2022 और 2023 में जब झारखंड के हज यात्रियों ने बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से हज यात्रा के लिये आवेदन किया, तो उन्हें मजबूरी में पश्चिम बंगाल के कोलकाता एयरपोर्ट से यात्रा शुरू करनी पड़ी, जिसके चलते उन्हें आर्थिक, शारीरिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ा। 2024 में झारखंड के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से हज यात्रा के लिये इम्बार्केशन प्वाइंट को हटा लिया गया, जिससे हज यात्रा पर जाने वाले यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई। वर्ष 2025 में अब मात्र 1300 हज यात्री रांची से कलकत्ता एयरपोर्ट से जेद्दा जा रहे हैं।
आमया संगठन के अध्यक्ष एस अली ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा को दिल्ली में एक मांग पत्र दिया था, जिसमें उन्होंने झारखंड के हज यात्रियों के लिये बिरसा मुंडा एयरपोर्ट रांची से फिर से इम्बार्केशन प्वाइंट की सुविधा बहाल करने की मांग की थी। उनका कहना है कि इससे न केवल हज यात्रियों की यात्रा सुगम होगी, बल्कि उन्हें और अधिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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