Bihar : बिहार के CM नीतीश कुमार ने बड़ा ऐलान किया है। बिहार के पंचायत प्रतिनिधियों के लिए नीतीश सरकार ने चुनावी साल में एक बड़ा कदम उठाया है। अब उन्हें 4 महीने में मिलने वाला भत्ता हर महीने दिया जायेगा।
क्या है नया आदेश
बिहार सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायतों और ग्राम कचहरी के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को नियमित मासिक भत्ता देने का निर्णय लिया है। यह भत्ता अब जिला स्तर से सीधे उनके खाते में पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम) के माध्यम से जमा होगा। पहले यह भत्ता अप्रैल, जुलाई, और नवंबर माह में हर चार महीने में एक बार मिलता था। अब हर माह यह भत्ता मिलने से पंचायत प्रतिनिधियों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा।
यह होगा बदलाव
इसके साथ ही, भत्ते का भुगतान करने की प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए जिला स्तर पर मेकर, चेकर और अप्रूवल आईडी बनाने का आदेश दिया गया है, ताकि पीएफएमएस के जरिए भत्ते का भुगतान सीधे किया जा सके। पंचायत प्रतिनिधियों को अब जिला पंचायत राज पदाधिकारी के नाम से बचत खाता खोलने का निर्देश भी दिया गया है।
भत्ते में वृद्धि पर फैसला नहीं
हालांकि, पंचायत प्रतिनिधियों की लंबे समय से यह मांग रही है कि उन्हें विधायक और सांसद की तरह वेतन दिया जाए, लेकिन सरकार ने इस पर अभी कोई फैसला नहीं लिया है। फिलहाल भत्ता बढ़ाने की कोई योजना नहीं है, लेकिन यह मासिक भत्ता निश्चित रूप से पंचायत प्रतिनिधियों के लिए एक राहत का कदम है।
योजनाओं की गति को मिलेगी गति
इसके अलावा, नीतीश सरकार ने पंचायत राज संस्थाओं में योजनाओं के कार्यान्वयन को तेज करने के लिए एक और बड़ा निर्णय लिया है। अब जिला परिषदों में विभागीय स्तर पर योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए निविदा प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। इससे योजनाओं की गति में सुधार होगा और अधिक कार्य समय पर पूरे होंगे। अब तक 15 लाख रुपये से कम की योजनाओं का कार्य विभागीय स्तर से होता था, लेकिन अब निविदा प्रक्रिया को अपनाया जायेगा।




