Ranchi : झारखंड अब दुनिया के बौद्धिक मंचों पर भी अपनी सोच दर्ज कराने को तैयार है। यूनाइटेड किंगडम की आगामी आधिकारिक यात्रा के क्रम में CM हेमंत सोरेन 23 जनवरी को शाम 5 बजे विश्वविख्यात ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के ब्लावटनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में अपनी बात रखेंगे। यह मौका झारखंड के विकास दर्शन को वैश्विक विमर्श में शामिल करने का है। CM जिस विषय पर संबोधित करेंगे, वह सीधे झारखंड की पहचान और भविष्य से जुड़ा है, “आदिवासी बहुल, संसाधन-समृद्ध राज्य टिकाऊ और हरित औद्योगीकरण, जिम्मेदार खनिज आधारित विनिर्माण और समावेशी, निवेश-आधारित विकास को कैसे आगे बढ़ा सकता है।” यह विषय “प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण विकास” की झारखण्ड की मूल सोच को मजबूती से सामने रखता है।
वैश्विक विद्वानों के साथ संवाद
इस अहम चर्चा में CM हेमंत सोरेन के साथ ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में सामाजिक मानवशास्त्र की प्रोफेसर एवं ऑल सोल्स कॉलेज की फेलो अल्पा शाह, ब्लावटनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में राजनीति और लोक नीति की प्रोफेसर माया ट्यूडर भी अपने विचार साझा करेंगी। CM हेमंत सोरेन झारखण्ड का वह मॉडल रखेंगे जिसमें, संसाधनों का दोहन नहीं, संतुलित उपयोग, औद्योगीकरण के साथ पर्यावरण संरक्षण, निवेश के साथ स्थानीय समुदायों की भागीदारीको प्राथमिकता दी गई है। ऑक्सफोर्ड के मंच से झारखण्ड यह स्पष्ट संदेश देगा कि आदिवासी समाज, प्रकृति और विकास तीनों एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि सहयात्री हो सकते हैं।










