Ranchi : CM हेमंत सोरेन ने बुधवार को झारखंड मंत्रालय में नगर विकास एवं आवास तथा पथ निर्माण विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में शहर की सड़क, ट्रैफिक, ड्रेनेज, वेंडिंग, पार्क और शहरी सुविधाओं से लेकर आने वाले वर्षों के मास्टर प्लान तक पर विस्तार से चर्चा हुई। CM ने अधिकारियों को साफ संदेश दिया कि शहर का विकास सिर्फ सड़क बनाने तक सीमित नहीं रहना चाहिये, बल्कि सड़क के साथ जल निकासी, पैदल यात्रियों की सुविधा, यातायात और भविष्य की जरूरतों को भी योजना में शामिल करना होगा।
सड़क बने तो साथ में नाला भी बनेगा
रांची में बारिश के मौसम में जलजमाव की समस्या कोई नई बात नहीं है। कई इलाकों में थोड़ी सी बारिश के बाद सड़कें पानी से भर जाती हैं और यातायात की रफ्तार थम जाती है।CM हेमंत सोरेन ने अब सड़क निर्माण के साथ ड्रेनेज सिस्टम को अनिवार्य हिस्सा बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सड़क के दोनों किनारों पर वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से ड्रेनेज की व्यवस्था हो। सड़क की चौड़ाई, पैदल यात्रियों के लिये जगह और जल निकासी, इन सभी को एक ही डिजाइन का हिस्सा बनाया जाये। जिन इलाकों में बारिश के दौरान ज्यादा जलजमाव होता है, उन्हें चिन्हित कर वहां प्रभावी ड्रेनेज नेटवर्क विकसित करने का भी निर्देश दिया गया है।
हर वार्ड में वेंडर मार्केट की तैयारी
रांची की सड़कों पर ठेला, गुमटी और फुटपाथ पर कारोबार करने वाले हजारों लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी है। CM हेमंत सोरेन ने इस बात पर खास जोर दिया कि विकास के नाम पर वेंडर्स की आजीविका प्रभावित नहीं होनी चाहिये। निर्देश दिया गया है कि शहर के हर वार्ड में जरूरत के अनुसार वेंडर मार्केट विकसित करने की दिशा में काम हो। इससे एक तरफ सड़क किनारे लगने वाले अनियोजित बाजार और जाम की समस्या कम होगी, वहीं दूसरी ओर वेंडर्स को सम्मानजनक और स्थायी जगह मिल सकेगी।
अनावश्यक रोड कट पर लगेगा ब्रेक
रांची की सड़कों पर जगह-जगह बने अनावश्यक कट भी अब सरकार की नजर में हैं। CM हेमंत सोरेन ने ऐसे सभी कटों को चिन्हित कर बंद करने और वाहनों के लिये निर्धारित चौक-चौराहों से सुरक्षित टर्निंग की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। इसका मकसद वाहनों की आवाजाही को सुगम बनाना और अचानक मुड़ने वाले वाहनों से होने वाली यातायात समस्या को कम करना है। वहीं, रांची में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिये शहर में चलने वाली बसों की संख्या, रूट और समय-सारणी का पूरा डेटा तैयार किया जायेगा। सरकार का फोकस इस बात पर है कि बस सेवा को व्यवस्थित किया जाये, ताकि यात्रियों को सुविधा मिले और सड़कों पर अनावश्यक यातायात दबाव भी कम हो।
लटकते तारों का जाल भी होगा साफ
रांची की सड़कों और गलियों में बिजली, टेलीकॉम और दूसरे केबल के लटकते तार लंबे समय से परेशानी का कारण रहे हैं। CM हेमंत सोरेन ने ऐसे अनावश्यक और अनुपयोगी तारों को चिन्हित कर हटाने और उपयोगी तारों को व्यवस्थित करने का निर्देश दिया है। खंभों पर तारों का उलझा जाल सिर्फ शहर की खूबसूरती बिगाड़ता नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी खतरा बन सकता है। नये केबल बिछाते समय बार-बार सड़क खोदने की स्थिति न बने, इसके लिये विभागों और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और जरूरत के अनुसार कॉमन डक्ट या यूटिलिटी कॉरिडोर विकसित करने पर भी जोर दिया गया है।
सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों पर कार्रवाई
CM हेमंत सोरेन ने सरकारी जमीन पर हुये अवैध कब्जे को चिन्हित कर नियमानुसार कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया। सड़क किनारे अतिक्रमण और अनियोजित वेंडिंग की समस्या का समाधान करते हुये संबंधित लोगों को वैकल्पिक और व्यवस्थित जगह देने पर भी जोर दिया गया है। यानी सरकार की कोशिश दो मोर्चों पर एक साथ है, शहर की जमीन और सड़कें अतिक्रमण से मुक्त हों, लेकिन लोगों की आजीविका भी न उजड़े।
पूरे झारखंड के शहरों का बदलेगा चेहरा
CM हेमंत सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि विकास की योजना सिर्फ रांची तक सीमित न रहे। राज्य के दूसरे प्रमुख शहरों को भी सुनियोजित और आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाये।शहरों को जोनवार बांटकर आबादी और स्थानीय जरूरतों के हिसाब से विकास योजना तैयार करने का निर्देश दिया गया। सड़क, ट्रैफिक, ड्रेनेज, स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन, वेंडर व्यवस्था, सार्वजनिक परिवहन, पार्क और हरित क्षेत्र—इन सभी को एक साथ लेकर शहरी विकास की योजना बनाने पर जोर दिया गया। बैठक में CM हेमंत सोरेन ने विकास योजनाओं में देरी को लेकर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने सभी परियोजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने तथा उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।







