Ranchi : पंजाब सरकार सिखों के नवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को यादगार बनाने के लिये एक ऐसा भव्य आयोजन करने जा रही है, जो इतिहास और आस्था दोनों को नया जीवन देगा। यह कार्यक्रम गुरु साहिब के बलिदान, समर्पण, त्याग और जनकल्याण के उस शाश्वत संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के मकसद से किया जा रहा है। इस सिलसिले में पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह और राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां आज रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। उन्होंने झारखंड के CM हेमंत सोरेन को इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होने के लिए सादर आमंत्रण दिया। मंत्रियों ने इस अवसर पर CM को स्वर्ण मंदिर की सुंदर तस्वीर भेंट की। CM ने भी कृतज्ञता स्वरूप स्मृति चिन्ह भेंट किया और कहा, “गुरु तेग बहादुर जी का जीवन मानवता के उजाले की तरह है। उनका बलिदान देश की आत्मा में आज भी जीवित है।”
जानकारी के अनुसार, यह आयोजन 25 अक्टूबर से नई दिल्ली में शुरू होगा। पहले दिन, गुरुद्वारा श्री सीस गंज साहिब में अरदास के साथ कार्यक्रम की शुरुआत होगी, जहां पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, पूरे मंत्रिमंडल और वरिष्ठ अधिकारी मत्था टेकेंगे। इसके बाद गुरु साहिब से जुड़े शहीदी स्थलों पर श्रद्धांजलि अर्पित की जायेगी। शाम होते ही गुरुद्वारा श्री रकाब गंज साहिब में विशाल कीर्तन दरबार का आयोजन होगा, जहां देशभर से आये रागी जत्थे गुरु की वाणी और बलिदान की गाथा गायेंगे। पंजाब सरकार ने घोषणा की है कि पूरे एक माह तक गुरु तेग बहादुर जी के जीवन, उपदेश और दर्शन को जन-जन तक पहुंचाने के लिये विभिन्न सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जायेगा। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को यह संदेश दिया जायेगा कि “गुरु तेग बहादुर जी ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिये अपना शीश भले दे दिया, पर सच्चाई और सद्भावना से कभी समझौता नहीं किया।”








