Kohramlive : हिन्दी दिवस पर पश्चिम बंगाल की CM ममता बनर्जी ने एक ऐसा फैसला लिया, जिसे सिर्फ एक छुट्टी का ऐलान नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जुड़ाव की बड़ी पहल माना जा रहा है। उन्होंने राज्य में छठ महापर्व पर दो दिनों की सरकारी छुट्टी की घोषणा कर न सिर्फ हिन्दी भाषी समुदाय को शुभकामनायें दीं, बल्कि ये भी साफ कर दिया कि बंगाल अब बहुभाषी और बहुसांस्कृतिक पहचान की ओर बढ़ चला है।
बंगाल के कोलकाता, आसनसोल, दुर्गापुर और सिलीगुड़ी जैसे शहरों में बिहार और झारखंड से आये लाखों लोग बसे हुये हैं। इनके लिए छठ सिर्फ त्योहार नहीं, अपनी मिट्टी से जुड़ने का जरिया है। अब पहली बार वे इसे सरकारी मान्यता और सम्मान के साथ मना सकेंगे। ममता बनर्जी का यह कदम न केवल एक राजनीतिक संकेत है, बल्कि एक सांस्कृतिक स्वीकार्यता का प्रतीक भी।






