Kohramlive Desk : चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI ) एनवी रमना शुक्रवार को रिटायर हो गए। विदाई भाषण के दौरान उन्होंने मार्टिन लूथर किंग को याद करते हुए कहा कि जजों का जीवन कई चुनौतियों से भरा होता है। लोगों ने काफी कुछ कहा, लेकिन हमारा परिवार चुप रहा, क्योंकि सत्य की विजय होती है। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका किसी एक आदेश से संचालित नहीं होती है, सदियां उसे सिंचित करती है।
जनता को जागरूक करने की भी रही कोशिश
चीफ जस्टिस एनवी रमना ने कहा कि न्यायपालिका मीडिया में अपनी बातें नहीं रखती है। मीडिया न्यायपालिका की बातें आम जनता तक पहुंचाता है। मेरी कोशिश जनता तक सिर्फ न्याय पहुंचाने तक ही नहीं रही, बल्कि जनता को जागरूक करने के लिए भी रही है। मेरे जीवन का सफर आंध्र प्रदेश के पोन्नावरम जिले से शुरू हुआ, जहां बिजली और सड़कें नहीं थीं। मैंने पहली बार बिजली देखी थी, जब मैं 12 साल का था। हम कीचड़ भरी सड़कों पर चलते हुए स्कूल पहुंचते थे। शिक्षकों द्वारा मुझे दी गई शिक्षा के सार ने मुझे नैतिक शक्ति विकसित करने में मदद की।
केसों की लिस्टिंग की समस्या को दूर करेंगे नए CJI यूयू ललित
देश के अगले होने वाले CJI यू यू ललित ने भरोसा दिया कि केसों की लिस्टिंग की समस्या को दूर करेंगे। केसों की जल्द सुनवाई के लिए और मेंशन के लिए योजना तैयार करेंगे। उन्होंने कहा कि सुनिश्चित करेंगे कि पूरे साल कम से कम एक संविधान पीठ बैठे और चले।
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