Chouparan(Krishna Paswan) : हजारीबाग के बरही की सड़कों पर बीती रात मातम बनकर उतरी। लश्करी बरही के रामसागर कुमार (30) की दर्दनाक मौत के बाद रविवार को गांव के लोगों का गुस्सा उबाल पर आ गया। परिजन और ग्रामीण शव के साथ पाण्डेयबारा स्थित राजकेशरी उर्फ कौशल इंजीनियरिंग कैंप के मेन गेट पर ताला जड़कर धरने पर बैठ गये। उनकी मांग थी, मुआवजा और जवाबदेही। सिक्सलेन सड़क निर्माण कर रही कंपनी पर आरोप है कि सुरक्षा संकेतक, बैरिकेडिंग और प्रकाश व्यवस्था की अनदेखी जानलेवा साबित हो रही है। परिजनों का कहना है कि निर्माण कंपनी की घोर लापरवाही ने रामसागर की जिंदगी छीन ली।लोग दहशत में रहने लगे हैं।
“एक हफ्ते में 10 मौतें”
खबर मिलते ही मौके पर पहुंचे बरही विधायक मनोज कुमार यादव गुस्से में डूबे लोगों को शांत करते हुये उन्होंने कंपनी प्रबंधक से सीधे बात की और कहा कि कंपनी की लापरवाही के कारण एक सप्ताह में 10 लोगों की जान जा चुकी है। अब और चुप्पी नहीं चलेगी। जब तक सुरक्षा और काम की रफ्तार नहीं सुधरती, सड़क निर्माण बंद रहेगा। विधायक की मौजूदगी में CO संजय यादव, सर्किल इंस्पेक्टर चंद्रशेखर कुमार और थानेदार सरोज सिंह चौधरी ने परिजनों को मुआवजे का आश्वासन दिया। प्रशासन की गारंटी और विधायक के सख्त रुख के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुये और मामला सुलझा।इधर, कुछ गांववालों ने कहा कि सड़क पर उचित संकेतक और रोशनी का अभाव हादसों का बड़ा कारण है। मौके पर भाजपा जिला उपाध्यक्ष रमेश ठाकुर, बरही प्रमुख मनोज रजक, चौपारण मुखिया संघ अध्यक्ष बिरेन्द्र रजक, भाजपा नेता रामस्वरुप पासवान, अशोक सिंह, राजदेव यादव सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।








