kohramlive desk : चारधाम यात्रा में इस साल अब तक 101 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जिसे देखते हुए सरकार अब सख्त हो गई है। इसके लिए नियमों में बदलाव किया गया है। श्रद्धालुओं को नए नियम जानना जरूरी है, नहीं तो बिना दर्शन एन्हें लौटना पड़ सकता ह। चारधाम यात्रा पर आने वाले 50 साल से अधिक उम्र के सभी यात्रियों के लिए स्वास्थ्य जांच अनिवार्य हो गया है।
कमजोर इम्युनिटी भी मौत का कारण
बता दें कि उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, इस साल अब तक 101 श्रद्धालुओं की मौत हो चुकी है, जिनमें 49 की मौत केदारनाथ धाम, 20 की बद्रीनाथ धाम, 25 की मौत यमुनोत्री धाम और 7 यात्रियों की गंगोत्री धाम में हुई है। स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करा रहे सिक्स सिग्मा हेल्थकेयर के हेड प्रदीप भारद्वाज ने बताया, ‘ज्यादातर मौतें श्रद्धालुओ की कमजोर इम्युनिटी, पहले कोरोना का होना और खराब मौसम और ज्यादा श्रद्धालु आने के कारण रहने-ठहरने के अपर्याप्त इंतजामों की वजह से हो रही है।
ठंड के साथ सेहत का समंजस्य जरूरी
प्रदीप भारद्वाज के अनुसार, मैदानी इलाकों से आने वाले लोग हिमालय के ठंडे मौसम के साथ सामंजस्य नहीं बिठा पाते हैं यानी एडजस्ट नहीं हो पाते हैं, ऐसे में उनकी तबियत बिगड़ जाती है। इन श्रद्धालुओं को ऊंचाई और ठंड से होने परेशानी होती है। कई यात्री ऐसे भी हैं, जो पर्याप्त गर्म कपड़े भी नहीं ला रहे हैं। इसलिए उन्हें हाइपोथर्मिया हो रहा है।
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