Kohramlive : चंद्रमा के दक्षिण ध्रुव पर सफल लैंडिंग करने वाला दुनिया का पहला देश भारत बना था। बेहतरीन कामयाबी हासिल करने वाले चंद्रयान-3 को PM नरेंद्र मोदी ने ‘शिव शक्ति पॉइंट’ कहा था। बीते साल 26 अगस्त को PM ने यह नाम लेकर पुकारा था। अब इस नाम को IEU (इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन) ने अपनी मंजूरी दे दी है। यहां याद दिला दें कि चंद्रयान-3 को 14 जुलाई 2023 को लॉन्च किया गया था। इसे एलवीएम3-एम4 रॉकेट से आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से छोड़ा गया था। विक्रम लैंडर ने 23 अगस्त को शाम छह बजकर चार मिनट पर चंद्रमा की सतह पर कदम रखा था। इसकी कुल लागत 615 करोड़ रुपये है। इससे पहले भी इसरो ने चंद्रयान-1 और चंद्रयान-2 को चंद्रमा की ओर भेजा था। चार साल पहले इसरो चंद्रयान-2 को चांद की सतह पर उतारने का प्रयास किया था, लेकिन इसके लैंड होने से कुछ समय पहले ही इसका बेंगलुरु स्थित इसरो के कंट्रोल सेंटर संपर्क टूट गया था।
चंद्रयान-3 के साथ 7 पेलोड भेजे गए थे। एक पेलोड जिसका नाम शेप है वो चंद्रयान-3 के प्रोपल्शन मॉड्यूल पर लगा था। इसे चंद्रमा की कक्षा में चक्कर लगाकर धरती से आने वाले रेडिएशन की जांच के लिए बनाया गया था। वहीं लैंडर पर तीन पेलोड लगे थे।
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