Chouparan(Krishna Paswan) : झारखंड विधानसभा के भव्य सभागार में लोक लेखा समिति की बैठक एक गंभीर लेकिन निर्णायक माहौल में पूरी हुई। बरही विधायक और लोक लेखा समिति के सभापति मनोज कुमार यादव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्य के वित्तीय प्रबंधन, सरकारी खर्चों और पारदर्शिता पर गहन चर्चा की गई। सभापति मनोज कुमार यादव ने बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिये कि सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और खर्चों की सतर्क निगरानी बेहद जरूरी है। उन्होंने मुख्य सचिव को इस दिशा में ठोस कदम उठाने के निर्देश भी दिये।
वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता पर जोर
बैठक में विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा हुई, वहीं, वित्तीय अनियमितताओं को रोकने के लिये नये उपायों पर विचार किया गया। सरकारी खर्चों की जांच और उनकी उपयोगिता को सुनिश्चित करने के लिये लोक लेखा समिति ने सख्त रुख अपनाने का संकेत दिया। बैठक में बरकट्ठा विधायक अमित यादव, विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी, विधायक जगत माझी सहित अन्य गणमान्य सदस्य मौजूद रहे। वहीं, प्रशासनिक मोर्चे से मुख्य सचिव अलका तिवारी, वित्त सचिव प्रशांत सिंह और नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) के अधिकारी भी बैठक में शामिल हुये।
अधिकारियों और विधायकों ने दिये महत्वपूर्ण सुझाव
बैठक के अंत में सभी उपस्थित विधायकों और अधिकारियों ने राज्य की वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने के लिए अपने सुझाव साझा किए। पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता के साथ यह बैठक समाप्त हुई, जिसमें झारखंड के आर्थिक प्रबंधन को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में नए रास्ते तलाशे गये।




