kohramlive desk : 10वीं और 12वीं की सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड की परीक्षा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में आयोजित करने की मांग वाली याचिका पर Supreme court ने सुनवाई टाल दी है। सोमवार यानी आज 15 नवंबर 2021 को जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस सीटी रवि कुमार की बेंच के सामने यह मामला था। बेंच ने इस मुद्दे पर सुनवाई अगली तारीख तक स्थगित कर दी है। सीबीएसई और आईसीएसई एग्जाम को लेकर स्टूडेंट्स की इस याचिका पर सुनवाई 18 नवंबर 2021 को होगी।
पूरा मामला क्या है
सुप्रीम कोर्ट में छात्रों ने पिछले गुरुवार को CBSE और CISCE के बोर्ड एग्जाम को लेकर याचिका दायर की थी। याचिका में एग्जाम ऑनलाइन मोड में कराने की रिक्वेस्ट की गई। स्टूडेंट्स ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की कि बोर्ड एग्जाम 2022 को हाइब्रिड मोड में लेने का ऑप्शन देने का निर्देश दिया जाए। इस संबंध में कई स्टूडेंट्स ने सोशल मीडिया पर भी अपनी बात भी रखी।
याचिका दायर करने वाले स्टूडेंट्स को डर है कि प्रमुख विषयों के लिए बोर्ड की 2022 की डेट शीट में एग्जाम तीन सप्ताह में लगातार आयोजित होना है। इससे कोविड -19 फैलने का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन करने के लिए भी ऑनलाइन एग्जाम जरूरी है। इसलिए स्टूडेंट्स की मांग है कि परीक्षाएं हाइब्रिड मोड में आयोजित की जाएं।
तब स्टूडेंट्स की ओर से वकील सुमंत नूकला ने कोर्ट में कहा था कि ‘इस तरह से सहमति लेना गैर कानूनी है, साथ ही बच्चों के स्वास्थ्य के अधिकार के साथ भी खिलवाड़ है। इस समय सिर्फ ऑफलाइन मोड पर परीक्षा आयोजित करके बच्चों को कोरोना संक्रमण को बढ़ावा दिया जाएगा।’
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