- CBSE Board Exams 2021:
- कोरोना महामारी के कारण कम कर दिया गया है 30 से 40 फीसदी सिलेबस
- पास होने के लिए स्कोर करने होंगे 33 फीसदी मार्क्स
कोहराम लाइव डेस्क: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने कोरोना महामारी के कारण 10वीं- 12वीं का सिलेबस 30 से 40 फीसदी कम कर दिया है। इसके अलावा बोर्ड ने परीक्षाओं के लिए परीक्षा पैटर्न और मार्किंग स्कीम में भी बदलाव किया है। वास्तव में संक्रमण के कारण पढ़ाई के नुकसान को देखते हुए CBSE ने स्टूडेंट्स के तनाव को कम करने के मकसद से यह निर्णय लिया हैं।
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MCQ के लिए वेटेज में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी
इस बदलाव के तहत बोर्ड ने परीक्षा में MCQ के लिए वेटेज में 10 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। परीक्षा पैटर्न में किए इस बदलाव का मकसद स्टूडेंट्स की समझने की क्षमता का परीक्षण करना है। CBSE की तरफ से 10वीं- 12वीं के सिलेबस में 30 प्रतिशत की कमी करने के बाद हर विषय में कम से कम 4-5 चैप्टर कम हो गए हैं। इससे स्टूडेंट्स को कवर करने के लिए कम सिलेबस होगा।
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थ्योरी और इंटरनल असेसमेंट के अंकों को मिलाकर बनेगा रिजल्ट
12वीं के स्टूडेंट्स को थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों परीक्षाओं को अलग-अलग पास करना होगा। दोनों परीक्षाओं में स्टूडेंट्स को पास होने के लिए 33 फीसदी मार्क्स लाने होंगे। जबकि 10वीं परीक्षा में स्टूडेंट्स को थ्योरी और इंटरनल असेसमेंट के अंकों को मिलाकर पास किया जाएगा। 10वीं के स्टूडेंट्स पास होने के लिए थ्योरी और इंटरनल असेसमेंट के मार्क्स मिलाकर 33 फीसदी मार्क्स स्कोर करने होंगे।
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70 अंकों का होगी प्रैक्टिकल सब्जेक्ट की थ्योरी
CBSE 12वीं के प्रैक्टिकल सब्जेक्ट में थ्योरी पेपर 70 अंकों और प्रैक्टिकल 30 अंकों का होगा। बिना प्रैक्टिकल वाले सब्जेक्ट में 80 अंक की थ्योरी परीक्षा और 20 अंक की प्रैक्टिकल परीक्षा होगी। अब 10वीं के सभी विषयों के लिए इंटरनल असेसमेंट 20 अंकों का कर दिया है। इसके बाद अब 10वीं में थ्योरी परीक्षा 80 और इंटरनल असेसमेंट 20 मार्क्स का होगा।
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