रांची : कोरोना महामारी के बीच एक अच्छी सामने आई खबर है। झारखंड में बनेंगे 27 हजार Mentor Teacher, जो निभाएंगे यहां भूमिका हर बच्चे को शिक्षा सुनिश्चित कराने में। मेंटर टीचरों की टीम राज्य की सभी पंचायतों में होगी। इसके साथ ही ये टीम मुखिया द्वारा बनायी जायेगी।
पंचायतों के मुखिया बनाएंगे Mentor Teacher
झारखंड के सरकारी स्कूलों के बच्चों को पढ़ाने के लिए सामुदायिक शिक्षा की शुरुआत की जायेगी। इसके तहत पंचायतों के मुखिया को जिम्मेदारी दी जायेगी। वे अपनी पंचायत में Mentor Teacher बनायेंगे। इसमें सेवानिवृत्त शिक्षक या स्नातक पास छह लोगों की टीम बनायी जायेगी। इसका उद्देश्य है कि कोई भी छात्र पढ़ाई से वंचित न रहे। कोई बच्चा पीछे ना छूटे इस थीम पर इसकी शुरुआत की जायेगी। झारखंड का स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग इसकी तैयारी में जुटा हुआ है।
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सामुदायिक शिक्षा शुरू करने का प्रस्ताव
कोरोना महामारी के कारण राज्य में स्कूल बंद हैं। इस बीच करीब 75 फीसदी छात्रों को डिजिटल कंटेंट नहीं मिल पा रहा है। इस कारण स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सामुदायिक शिक्षा शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया है। झारखंड की 4500 पंचायतों के मुखिया को छह-छह Mentor Teacher की टीम तैयार करने का जिम्मेदारी दी जायेगी। इससे राज्यभर में 27 हजार Mentor Teacher बनेंगे, जो सामुदायिक स्तर पर विद्यार्थियों को पढ़ायेंगे। ये पहली से पांचवी कक्षा के छात्रों को पढ़ायेंगे।
मैट्रिक-इंटर पास छात्र बनेंगे बाल शिक्षक
झारखंड में मैट्रिक-इंटर पास छात्र बाल शिक्षक के रूप में नजर आएंगे। बच्चों के साथ सहमति के बाद उन्हें स्वयंसेवक के रूप में जोड़ा जायेगा। घर से एक किलोमीटर की परिधि में रहने वाले बच्चों को वे शिक्षित करेंगे। सरकार द्वारा ऐसे बाल शिक्षकों को पुरस्कृत किया जायेगा।
भवनों में टीवी के जरिए पढ़ाई की सुविधा
इसके साथ ही पंचायत भवनों में टीवी के जरिए पढ़ाई की सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। इतना ही नहीं, लाउडस्पीकर के जरिए भी पढ़ाई की योजना है। मेंटर टीचरों को विद्यालय प्रबंध समिति के फंड से पढ़ाई के आधार पर एक निश्चित राशि का भुगतान किया जायेगा।
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