spot_img
spot_img

BREAKING : कांग्रेस की वरिष्ठ नेता #IronLady का निधन, 80 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

Date:

spot_img
spot_img
📖भाषा चुनें और खबर सुनें:
🎙️कोहराम LIVE रेडियो

उत्तराखंड: उत्तराखंड की कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और प्रदेश की नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश का आज रविवार सुबह निधन हो गया। दिल्ली में दिल का दौरा पड़ने से उनका देहांत हो गया। 80 की उम्र में दिल्ली में आज अंतिम सांस ली। सालों के अपने राजनीतिक करियर में इंदिरा हृदयेश ने उत्तराखंड की राजनीति को कई नए मुकाम दिए और प्रदेश में काफी कुछ विकास के काम किए, खासकर कुमाऊं मंडल में उनको मदद का मसीहा माना जाता रहा है।

उनके निधन के बाद कांग्रेस पार्टी में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। आपको बता दें कि कांग्रेस संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने के लिए गई ह्रदयेश नई दिल्ली गई हुई थीं। वहां उत्तराखंड सदन में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। उनके पुत्र सुमित हृदयेश ने इसकी पुष्टि की है। हृदयेश की मौत से उत्तराखंड कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत समेत कई नेतावों ने हृदयेश की निधन पर शोक जताया है।

Read More : Palamu : पहले पत्नी को काट डाला, फिर खुद कुएं में लगा दी छलांग…

विधान परिषद में पहली बार पहुंचीं

इंदिरा हरदेश के राजनीतिक सफर पर नजर डालें तो 1974 में उत्तर प्रदेश के विधान परिषद में पहली बार चुनी गईं जिसके बाद 1986, 1992 और 1998 में इंदिरा ह्रदयेश लगातार चार बार अविभाजित उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिए चुनी गईं। साल 2000  में अंतरिम उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी बनीं और प्रखरता से उत्तराखंड के मुद्दों को सदन में रखा।

साल 2002 में उत्तराखंड में जब पहले विधानसभा चुनाव हुए तो हल्द्वानी से विधानसभा का चुनाव जीतीं और नेता प्रतिपक्ष बन विधानसभा पहुंचीं जहां उन्हें एनडी तिवारी सरकार में संसदीय कार्य , लोक निर्माण विभाग समेत कई महत्वपूर्ण विभागों को देखने का मौका मिला।

Read More : देखिये, कैसे वैन में मिले चावल के दाने के जरिये डकैतों तक पहुंच गई पुलिस

‘सुपर मुख्यमंत्री’ कहा जाता था

एनडी तिवारी सरकार में इंदिरा का इतना बोलबाला था कि कि उन्हें सुपर मुख्यमंत्री तक कहा जाता था उस समय तिवारी सरकार में ये प्रचलित था कि इंदिरा जो कह दें वह पत्थर की लकीर हुआ करती थी। 2007 से 12 के टर्न में इंदिरा हृदयेश चुनाव नहीं जीत सकीं लेकिन 2012 में एक बार फिर वह विधानसभा चुनाव जीतीं और विजय बहुगुणा तथा हरीश रावत सरकार में वित्त मंत्री व संसदीय कार्य समेत कई महत्वपूर्ण विभाग इंदिरा हृदयेश ने देखें। वहीं 2017 के विधानसभा चुनाव में इंदिरा ह्रदयेश एक बार फिर हल्द्वानी से जीतकर पहुंचीं। कांग्रेस विपक्ष में बैठी तो नेता प्रतिपक्ष के रूप में इंदिरा ह्रदयेश को पार्टी का नेतृत्व करने का मौका मिला। इंदिरा हृदयेश एक मजबूत इरादों की महिला कहीं जाती रही हैं और उन्हें उत्तराखंड की राजनीति की आयरन लेडी भी कहा जाता रहा।

Read More : हैदराबाद से आकर होटल में चलाने लगी #SexRacket, ऐसे हुआ खुलासा

4 बार चुनी गए विधान परिषद के लिए

इंदिरा का 7 अप्रैल 1941 को अयोध्या में जन्म हुआ था।  उन्होंने हिंदी और राजनीति विज्ञान में मास्टर डिग्री हासिल की थी। उनके पास बीएड और पीएचडी की भी डिग्री थी। उनके 3 पुत्र हैं।

उनके राजनीतिक करियर की बात करें तो 1974 में वह पहली बार विधान परिषद के लिए चुनी गईं। तब वह अविभाजित उत्तर प्रदेश विधान परिषद की सदस्य (गढ़वाल कुमाऊं निर्वाचन क्षेत्र) निर्वाचित हुई थीं। इसके बाद वह 1986, 1992 और 1998 में फिर विधान परिषद के लिए निर्वाचित हुई थीं।

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img

Related articles:

UPSC की असिस्टेंट कमांडेंट परीक्षा 19 जुलाई को…

Kohramlive : देश की सीमाओं की रक्षा करने, आतंकवाद...

अब एयरपोर्ट पर लगेंगे फुल बॉडी स्कैनर, शुरू हुआ ट्रायल…

Kohramlive : भारत के एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की सुरक्षा...

ट्रंप टैरिफ का खेल खत्म, भारत को मिल सकते हैं 94,649 करोड़ रुपये…

Kohramlive : कभी दुनिया की सबसे ताकतवर अर्थव्यवस्था की...

भारत में लॉन्च हुआ Redmi Turbo 5, 7540mAh बैटरी बनी सबसे बड़ी ताकत

Kohramlive : स्मार्टफोन बाजार में प्रतिस्पर्धा के बीच शाओमी...

स्लोवाकिया के सर्वोच्च सम्मान से नवाजे गये PM मोदी, बनाया रिकॉर्ड…

New Delhi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्लोवाकिया के...