बीजापुर : छत्तीसगढ़ के सुकमा-बीजापुर सीमावर्ती इलाके में शनिवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में पांच जवान शहीद हो गए थे और 30 जवान घायल हो गए थे। इस मुठभेड़ में 15 से ज्यादा नक्सलियों के मारे जाने का दावा बस्तर आईजी ने किया है। वहीं ताजा जानकारी के अनुसार इस मुठभेड़ में शामिल 21 जवान लापता हैं।
शहीद हुए पांच जवानों में से दो जवानों के शवों को बरामद कर लिया गया है। वहीं एक महिला नक्सली का शव भी बरामद किया गया है। इस हमले में घायल हुए जवानों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। 24 घायल जवानों को बीजापुर के अस्पताल में भर्ती किया गया है। वहीं सात जवानों को रायपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
राज्य के नक्सल विरोधी अभियान के पुलिस उप महानिरीक्षक ओपी पाल ने बताया कि शुक्रवार की रात बीजापुर और सुकमा जिले से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के कोबरा बटालियन, डीआरजी और एसटीएफ के संयुक्त दल को नक्सल विरोधी अभियान में रवाना किया गया था। उन्होंने बताया कि नक्सल विरोधी अभियान में बीजापुर जिले के तर्रेम, उसूर और पामेड़ से तथा सुकमा जिले के मिनपा और नरसापुरम से लगभग दो हजार जवान शामिल थे।
#UPDATE At least 15 jawans missing after yesterday’s Sukma encounter. A reinforcement party rushed to the spot. Bodies of 2 out of 5 jawans who died in encounter recovered. Among injured jawans, 23 admitted to Bijapur Hospital & 7 to Raipur hospital: Chhattisgarh Police Sources
— ANI (@ANI) April 4, 2021
पाल ने बताया कि अभी तक मिली जानकारी के अनुसार मुठभेड़ में कोबरा बटालियन का एक जवान, बस्तरिया बटालियन के दो जवान तथा डीआरजी के दो जवान शहीद हुए हैं। मुठभेड़ में 30 जवान घायल हुए हैं।

पीएम मोदी और सीएम भूपेश बघेल ने प्रकट की संवेदना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम भूपेश बघेल ने जवानों के शहीद होने पर शोक जताया है। पीएम मोदी ने कहा कि जवानों के बलिदान को कभी नहीं भुलाया जाएगा। ट्वीट कर पीएम मोदी ने लिखा है, “मेरी संवेदनाएं छत्तीसगढ़ में शहीद हुए जवानों के परिजनों के साथ है। वीर शहीदों के बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना है।”
मुठभेड़ के बाद बुलाई गई आपात बैठक
नक्सलियों संग मुठभेड़ की घटना के बाद सुरक्षाबलों के शीर्ष अधिकारियों की आपात बैठक बुलाई गई। बैठक में डीजीपी डीएम अवस्थी, स्पेशल डीजी (एंटी नक्सल ऑपरेशन) अशोक जुनेजा और अन्य सीनियर अधिकारी इसमें शामिल हुए थे। यह बैठक रायपुर में हुई थी। बैठक में नक्सलियों के खिलाफ सख्त रणनीति पर चर्चा की गई।






