Palamu : पलामू के लेस्लीगंज थाना क्षेत्र में अंधविश्वास ने एक निर्दोष की जान ले ली। नावाडीह तेनार गांव के पच्चु मोची का शव डबरा जंगल में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा कि पच्चु मोची की बेहद निर्मम तरीके से गला काटकर हत्या की गई थी। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डालटनगंज सदर अस्पताल भेजा गया। जांच शुरू हुई तो जो कहानी सामने आई, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। पुलिस के अनुसार, करीब तीन महीने पहले पच्चु मोची के ₹4500 गुम हो गये थे। इसके बाद उसने घर का देवत्ता (पूजा से जुड़ा सामान) फेंक दिया था। इसी दौरान उसके गोतिया धनंजय रविदास के घर में मां और भाई की मौत हो गई, वहीं बच्चों की तबीयत भी अक्सर खराब रहने लगी। इन तमाम घटनाओं का दोष पच्चु मोची पर मढ़ दिया गया और उसे ओझा-गुणी मान लिया गया।
इसी अंधविश्वास और रंजिश में पच्चु मोची की हत्या की साजिश रची गई। पुलिस जांच में सामने आया कि धनंजय रविदास और बब्लू मोची ने पहले पैसों का इंतजाम किया। मोबाइल ट्रांजैक्शन के जरिये अलग-अलग खातों में रकम भेजी गई, ताकि बाहर से अपराधियों को बुलाया जा सके। इसके बाद लातेहार के हेरहंज से बाइक पर आये आरोपी रात भर धनंजय के घर रुके। 22 दिसंबर की रात धनंजय के इशारे पर पच्चु मोची को जंगल ले जाया गया और चाकू से बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गये और हत्या की सूचना साजिश में शामिल लोगों को दे दी गई। पुलिस ने तकनीकी जांच और मोबाइल लेन-देन के सबूतों के आधार पर तेजी से कार्रवाई करते हुये चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मुख्य आरोपी मुनेश्वर कुमार रवि के पास से हत्या में इस्तेमाल किया गया खून से सना चाकू भी बरामद किया गया है। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है।




