Palamu : जिस जमीन पर एक महिला अपने सपनों का घर खड़ा कर रही थी, उसी जमीन को उसकी देह के खून से रंग दिया गया और हमला करने वाला कोई बाहरी नहीं, उसी जिले का रहने वाला प्रदीप यादव था। अब 10 साल बाद अदालत ने उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 326 के तहत 5 साल सश्रम कारावास और 50,000 रुपये जुर्माने की सजा दी है। जुर्माना न भरने की हालत में उसे एक साल और जेल में सड़ना होगा। कहानी एक घर की नहीं, न्याय प्रणाली की भी है।
यह घटना 4 जुलाई 2015 की है शहर थाना क्षेत्र के बारालोटरा में पीड़िता अपनी ज़मीन पर निर्माण करवा रही थी, तभी आरोपी प्रदीप यादव ने निर्माण रोकने की नीयत से न केवल लाठी-डंडा, बल्कि लोहे की रॉड से भी हमला किया। वह हमला सिर्फ दीवारों पर नहीं, महिला की देह पर गंभीर चोटें आई थी और एक दशक तक कानूनी लड़ाई चली।






