रांची : झारखंड में कोरोना के बाद अब ब्लैक फंगस जानलेवा होती जा रही है। इस बीमारी से राज्य में अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले 24 घंटे में 5 मरीजों ने दम तोड़ दिया। राज्य में अब तक 130 ब्लैक फंगस के लक्षण वाले मरीज सामने आए हैं। जिसमें 79 में इसकी पुष्टि हो चुकी है। बाकी 51 मरीज संदिग्ध हैं। वहीं राज्य में पिछले 24 घंटे में चार नये मरीज भी मिले हैं।
राहत की बात ये है कि अबतक 37 मरीजों ने ब्लैक फंगस को मात दे दी है। रांची, रामगढ़, पलामू, हजारीबाग, गिरिडीह, गढ़वा और पूर्वी सिंहभूम ब्लैक फंगस का रेड जोन। वहीं बोकारो, चतरा, धनबाद, गोड्डा और कोडरमा येलो जोन में है। देवघर, दुमका, गुमला, जामताड़ा, लातेहार और साहिबगंज ग्रीन जोन में है।
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केंद्र सरकार ने कहा- ऐसे संक्रमणों से निपटने के लिए तैयार रहे राज्य
ब्लैक फंगस (mucormycosis) का इंफेक्शन रोकने के लिए केंद्र सरकार की ओर से चेकलिस्ट जारी की गई है। चेक लिस्ट में मरीजों को इलाज के दौरान इंफेक्शन से बचाने, ट्रीटमेंट और स्टेरॉयड के इस्तेमाल पर बताया गया है। ब्लैक फंगस (mucormycosis) के मामलों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी पर ध्यान देते हुए केंद्र ने कहा कि राज्यों को द्वितीयक और मौका तलाश कर हमला करने वाले फंगल संक्रमणों से निपटने के लिए तैयार रहना चाहिए जो वर्तमान में कोविड के मामलों में वृद्धि के चलते बढ़ रहे हैं। केंद्र सरकार ने अपनी एडवायजरी में कहा कि आने वाले समय में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से वेंटिलेटर से जुड़े निमोनिया, कैथेटर से जुड़े रक्त प्रवाह संक्रमण, कैथेटर से जुड़े युरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, सर्जिकल साइट संक्रमण, गैस्ट्रो-इंस्टेस्टाइनल इंफेक्शन पर ध्यान देने के साथ निगरानी स्थापित करने की उम्मीद है।
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ब्लैक फंगस (mucormycosis) की ऐसे करें पहचान
नाक से खून बहना, पपड़ी जमना या काला-सा कुछ निकलना। नाक का बंद होना, सिर और आंख में दर्द, आंखों के पास सूजन, धुंधला दिखना, आंखों का लाल होना, कम दिखाई देना, आंख को खोलने-बंद करने में दिक्कत होना। चेहरे का सुन्न हो जाना या झुनझुनी-सी महसूस होना। मुंह को खोलने में या कुछ चबाने में दिक्कत होना। ऐसे लक्षणों का पता लगाने के लिए हर रोज खुद को अच्छी रोशनी में चेक करें ताकि चेहरे पर कोई असर हो तो दिख सके। दांतों का गिरना, मुंह के अंदर या आसपास सूजन होना।












