Bihar : जब बिहिया की सड़कें वीरान थीं, तब नदी किनारे अचानक गोलियों की गूंज गूंज उठी। यह कोई फिल्मी दृश्य नहीं था, बल्कि चंदन मिश्रा हत्याकांड की परतें खोलने निकली पुलिस और खतरनाक अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ की हकीकत थी। पटना के पारस अस्पताल में हुई चंदन मिश्रा की सनसनीखेज हत्या को लेकर जब पुलिस ने आरा के बिहिया में दबिश दी, तो अपराधियों ने बेखौफ होकर गोलियां बरसानी शुरू कर दी। जवाबी फायरिंग में दो अपराधी बलवंत कुमार और रवि रंजन बुरी तरह जख्मी हो गए। एक तीसरा साथी अभिषेक कुमार मौके पर ही दबोच लिया गया।
अस्पताल में भर्ती दोनों घायल बदमाशों ने पुलिस पूछताछ में कबूल किया कि वे उसी काले खेल का हिस्सा थे, जिसमें चंदन मिश्रा की जिंदगी छीनी गई थी। उनके पास से दो पिस्टल, एक कट्टा और मैगजीन भी बरामद हुई। इधर पटना में, हत्याकांड के मास्टरमाइंड तौसीफ उर्फ बादशाह समेत उसके तीन साथियों को कोलकाता से लाकर कोर्ट में पेश किया गया। पूछताछ में तौसीफ ने सनसनीखेज राज से पर्दा हटाया, चंदन की हत्या बंगाल की जेल में बैठे शेरू सिंह के इशारे पर हुई थी।








