Ranchi : राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा में मंच से महागठबंधन, यूपीए और इंडिया, तीनों नाम गूंजे थे। लेकिन अब तस्वीर साफ है, बिहार विधानसभा चुनाव में विपक्ष महागठबंधन नहीं, बल्कि INDIA एलायंस के नाम से मैदान में उतरेगा। पहले विपक्षी दलों की एकता महागठबंधन के नाम से जानी जाती थी। पटना बैठक के बाद नामकरण हुआ INDIA, जिस पर उस समय नीतीश कुमार को आपत्ति भी थी। अब कांग्रेस नेतृत्व वाले INDIA एलायंस के बैनर तले लड़ाई होगी।
झामुमो की नई एंट्री
झारखंड के CM हेमंत सोरेन की सक्रियता के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा को भी INDIA गठबंधन में शामिल किया गया है। झामुमो ने बिहार की 16 सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है, जिसमें कटोरिया, चकाई, ठाकुरगंज, कोचाधामन, रानीगंज, बनमनखी, धमदाहा, रुपौली, प्राणपुर, छातापुर, सोनवर्षा, झाझा, रामनगर, जमालपुर, तारापुर और मनिहारी शामिल है। रामविलास पासवान के भाई और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस लोकसभा चुनाव में NDA छोड़ने के बाद ना इधर के रहे, ना उधर के। अब उनकी पार्टी राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी को INDIA एलायंस ने जगह दे दी है।कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने इसकी औपचारिक घोषणा की।
सूत्रों के अनुसार, INDIA एलायंस की सीटों का बंटवारा 15 सितंबर तक फाइनल होने का दावा किया गया है। मुकेश सहनी (विकासशील इंसान पार्टी) ने मीडिया से कहा, सबकुछ सहजता से चल रहा है। तेजस्वी यादव के नेतृत्व में बिहार चुनाव लड़ने की सहमति पर कांग्रेस की ओर से इस पर स्पष्ट बयान अभी आनी बाकी है। बिहार की सियासत में अब एक नया मोड़ है, महागठबंधन की जगह INDIA, नये सहयोगी और नये समीकरण। चुनावी रणभूमि सज चुकी है, अब असली मुकाबला NDA बनाम INDIA एलायंस में होगा।
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