Kohramlive : 2025 में सोने ने निवेशकों को धमाकेदार रिटर्न दिया और कई बार नये ऑल-टाइम हाई रिकॉर्ड बनाये। लेकिन वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की Gold Outlook 2026 रिपोर्ट का मानना है कि नया साल सोने के लिए उतना सहज नहीं होगा। कीमतों में तेज गिरावट की संभावना भी बनी हुई है।
कब गिर सकता है सोना?
अगर अमेरिकी अर्थव्यवस्था उम्मीद से ज्यादा मजबूत रहती है, शेयर बाजार में रैली जारी रहती है और फेडरल रिजर्व ब्याज दरें ऊंची बनाये रखता है, तो डॉलर मजबूत होगा और निवेशक जोखिमभरी संपत्तियों की ओर शिफ्ट होंगे। ऐसे हालात में WGC का अनुमान है कि सोने के दाम 5% से 20% तक नीचे जा सकते हैं।
कब बढ़ेगा सोना?
इसके उलट, अगर अमेरिकी अर्थव्यवस्था धीमी पड़ती है, या फेड ब्याज दरें कम करता है, तो सोने में 5% से 15% तक बढ़त देखी जा सकती है। वैश्विक मंदी या भू-राजनीतिक तनाव की स्थिति में मांग और बढ़ सकती है, जिससे दाम 15% से 30% तक उछलने की संभावना है।
दो बड़े ‘वाइल्डकार्ड फैक्टर’
उभरती अर्थव्यवस्थाओं के पास अब भी सीमित गोल्ड रिजर्व हैं। यदि वैश्विक तनाव बढ़ता है तो ये देश खरीदारी तेज कर सकते हैं और यह कीमतों को सपोर्ट दे सकता है। अगर निवेशक पुराने सोने की बिक्री बढ़ा दें, या रिटेल मार्केट में एक्सचेंज/रीसाइक्लिंग तेज हो जाये, तो सप्लाई बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव पड़ेगा। 2025 की जोरदार रैली के बाद WGC का साफ संदेश है कि 2026 उतार-चढ़ाव से भरा हो सकता है। वैश्विक आर्थिक नीति, ब्याज दरें, डॉलर की मजबूती और जियो-पॉलिटिकल जोखिम सोने के दामों को दिशा देंगे।










