Hazaribagh(Sunil Sahu) : हजारीबाग की DC नैंसी सहाय अचानक बरकट्ठा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल हुई। उनके साथ थी वो मशीन… जिसे देखकर सबकी आंखों में चमक दौड़ गई — एक्सरे मशीन। DC नैंसी सहाय बोली, “अब किसी बुज़ुर्ग को, किसी मां को, किसी मजदूर को… शहर भागने की जरूरत नहीं पड़ेगी।” ईचाक की सावित्री देवी, जिनके फेफड़ों में छिपी टीबी ने उनकी सांसें बांध दी थीं, अब अस्पताल आईं तो पहली बार उन्हें वो मशीन दिखी, छोटी सी, पोर्टेबल, मगर चमत्कारी। एक्सरे टेक्नीशियन ने मुस्कुराकर कहा, “सावित्री दीदी, अब दिल्ली जाने की ज़रूरत नहीं, यहीं सब दिख जायेगा। जैसे ही दो सेकंड में उनकी छाती की तस्वीर मशीन ने खींची, सावित्री की आंखों में आंसू थे। वो आंसू दर्द के नहीं थे, ये तो कृतज्ञता की बूँदें थीं, जो उनकी झुर्रियों से होते हुये दिल को भिगो रही थीं। बिष्णुगढ़ से लेकर चरही तक, सातों प्रखंडों के अस्पतालों में जैसे कोई नयी क्रांति आ गई थी। डॉक्टरों के पास अब बहाना नहीं, मशीन उनके पास थी। गांव के लोगों को अब बड़का अस्पताल नहीं भागना, क्योंकि अब “बड़का इलाज” खुद उनके गांव आ चुका था। सुनें क्या बोली DC नैंसी सहाय…
”बड़का इलाज” शुरू, क्या बोली DC नैंसी सहाय… देखें वीडियो #Hazaribagh #DCNanacysahay #Badkagaanw pic.twitter.com/a4kck90l9I
— KohramLive (@KohramLive) April 5, 2025












