Ranchi (Akhilesh Singh) : एकलौता बेटा सोमा मुंडा को मार गायब कर देने के बाद उसका सारा जायदाद अपना हो जायेगा। यह मन में ख्याल आते ही चचेरा भाई शिंबू मुंडा ने भयानक प्लानिंग बना ली। सोमा अपने मां-बाप का एकलौता संतान था। पहले से तय प्लानिंग के अनुसार शिंबू मुंडा ने अपनी एक महिला दोस्त संपति देवी के जरिये सोमा मुंडा को करीब लाने का जिम्मा दिया। उसका भरोसा जीतने को कहा, ताकि उसकी एक पुकार पर जब, जहां जाहे वह भागा-भागा चला आये। तय योजना के मुताबिक बीते साल 13 दिसंबर को संपति देवी ने सोमा मुंडा को जरया जंगल में बुलाया। यह जंगल राजधानी रांची के नामकुम थाना क्षेत्र में पड़ता है।
जैसी आशंका थी, ठीक वैसा ही हुआ
जैसी आशंका थी, ठीक वैसा ही हुआ। संपति देवी की पुकार पर सोमा मुंडा जरया जंगल पहुंच गया। वहां उसे पहले दमभर शराब पिलाई गई। वह नशे में बेसुध हो गया। जंगल में पहले से घात लगाये उसका चचेरा भाई शिंबू मुंडा ने एक बड़े पत्थर से सोमा का सिर कुचल कर उसे मौत के घाट उतार दिया। उसके बाद जंगल में ही एक गड्ढा खोद कर उसे दफना दिया। शिंबू मुंडाी का साथ उसके एक दोस्त जीत सिंह पाहन ने दिया। यह रहस्यमय ढंग से गायब हो गये सोमा मुंडा को हर संभावित ठिकानों पर खोजा गया, पर उसका कुछ पता नहीं चला। इसके बाद उसके एक अन्य चचेरे भाई गंगा मुंडा ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट 13 दिसंबर को नामकुम थाना में द्रज कराई। इस बीच नामकुम के थानेदार प्रशिक्षु IPS अधिकारी ऋत्विक श्रीवास्व के कान में किसी ने फूंक मारी और क्लू दिया कि रामपुर पंचायत के जरया जंगल में राज दफन है। यह बात रांची पुलिस कप्तान किशोर कौशल तक गई। शक के आधार पर पुलिस ने शिंबू मुंडा को उठा लिया। वह फूछताछ में टूट गया और अपना जुर्म कबूल कर लिया। शिंबू की निशानदेही पर एक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र खोद कर सोमा मुंडा की डेड बॉडी निकाल ली गई। उसके मिले अवशेष को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स ले जाया गया। सुनें क्या बोले प्रशिक्षु IPS सह थाना प्रभारी ऋत्विक श्रीवास्तव…
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