Kohramlive : दिसंबर की दस्तक के साथ ही देश में कई अहम वित्तीय, प्रशासनिक और रोजमर्रा से जुड़ी नीतियां बदल गई हैं। ये बदलाव सीधे आपकी जेब, आपकी पहचान, आपकी EMI और आपकी सैलरी पर असर डालने वाले हैं। 30 नवंबर तक औपचारिकतायें पूरी करना इसलिये जरूरी था, ताकि सेवाओं में रुकावट, पेनल्टी या किसी सरकारी सुविधा में अड़चन न आये। UIDAI ने 1 दिसंबर से आधार कार्ड का नया प्रारूप जारी कर दिया है। अब कार्ड पर सिर्फ फोटो और QR कोड होंगे, नाम, पता, जन्म तिथि जैसी जानकारी QR स्कैन करके ही दिखाई देगी, नया आधार ऐप और फेस रिकग्निशन सिस्टम भी लागू, मकसद, डाटा सुरक्षा बढ़ाना और फर्जीवाड़े पर रोक लगाना है। यह बदलाव डिजिटल सुरक्षा के लिहाज से बेहद खास माना जा रहा है।
EMI सस्ती हो सकती है
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक 3 दिसंबर को होने वाली है। विशेषज्ञों का अनुमान, रेपो रेट में 0.25% कटौती संभव है। होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन के EMI कम हो सकते हैं। रियल एस्टेट सेक्टर में नई रौनक की उम्मीद है। सरकार के चार नये श्रम कानून वेज कोड, सोशल सिक्योरिटी कोड, ऑक्यूपेशनल सेफ्टी कोड, इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड के लागू होते ही बेसिक सैलरी बढ़ सकती है, ग्रेच्युटी और PF की राशि बढ़ेगी, वहीं, इन-हैंड सैलरी कम भी हो सकती है। ओवरटाइम के नियम बदलेंगे। कंपनियों को दिसंबर से अपने सैलरी स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव करने पड़ेंगे।
LPG की नई कीमत
हर महीने की तरह 1 दिसंबर से LPG सिलेंडर की नई कीमतें भी लागू हो गई हैं। इनका सीधा असर सब्सिडी पर, घरेलू खर्च पर एवं होटल-रेस्टोरेंट उद्योग पर झलकेगा। कीमतें बढ़ेंगी या घटेंगी, यह तेल कंपनियों की घोषणा के बाद पता चलेगा, लेकिन सर्दी में LPG की मांग बढ़ने से दाम ऊपर जाने की आशंका जताई जा रही है। इन सभी बदलावों का सीधा असर आपकी वित्तीय योजना पर, घरेलू बजट पर, बैंकिंग सेवाओं पर, सरकारी योजनाओं में पात्रता पर, आपकी डिजिटल पहचान पर दिसंबर की शुरुआत ही संकेत दे रही है कि आने वाला महीना नीतिगत बदलावों का महीना होने वाला है।






