Amravati: आंध्र प्रदेश मंत्रिपरिषद (Andhra Pradesh Council of Ministers) के सभी 23 सदस्य 7 अप्रैल को यानी आज औपचारिक रूप से अपना इस्तीफा सौंप देंगे, माना जा रहा है कि कुल 24 में से 90% मंत्री इस्तीफा दे सकते हैं। नए मंत्रिपरिषद का गठन 11 अप्रैल को किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक पुनर्गठित मंत्रिमंडल में कई नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है। कम से कम चार मौजूदा मंत्रियों को नए मंत्रिमंडल में मौका मिल सकता है। 30 मई, 2019 को मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद जगन ने घोषणा की थी कि ढाई साल बाद वह अपने मंत्रिमंडल में बदलाव करेंगे।
वर्तमान मंत्रिमंडल ने आठ जून, 2019 को शपथ ली थी और इन मंत्रियों को आठ दिसंबर, 2021 तक पद पर रहना था। कोविड-19 वैश्विक महामारी (Corona Pandemic) सहित कई कारणों के चलते कैबिनेट पुनर्गठन को टाल दिया गया था। मुख्यमंत्री ने पिछले महीने घोषणा की थी कि वह उगादी (2 अप्रैल को पड़ने वाले तेलुगु नव वर्ष दिवस) और फिर नए जिलों के गठन के बाद मंत्रिमंडल के पुनर्गठन का कार्य करेंगे। राज्य में चार अप्रैल को 13 नए जिलों का गठन किया गया था, अब प्रदेश में जिलों की कुल संख्या 26 हो गई है।

26 नए जिलों से मंत्रियों का चुनाव
नए मंत्रिमंडल में 26 नए जिलों में से हर एक से मंत्री बनाए जा सकते हैं। इस मामले में हर जाति, क्षेत्र, धर्म और महिला पुरुष के लोगों को जगह दी जाएगी। जैसा संतुलन जून 2019 में जगन मोहन ने मुख्यमंत्री के तौर पर कार्यभार संभालने के दौरान रखा था।
जगन मोहन ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, कापू और मुस्लिम समुदाय से कुल 5 डिप्टी CM चुने थे। कैबिनेट में तीन महिलाएं शामिल की गई थीं। इनमें गृह मंत्री एम सुचरिता दलित समुदाय की से थी। ऐसा ही समीकरण फिर से बनाया जा सकता है।
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