Ranchi : राजधानी रांची और खूंटी में अफीम की खेती को तहस-नहस करने और नशे के सौदागरों के नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ देने के लिहाज से आज पुलिस अधिकारियों की हाई-लेवल मीटिंग हुई। प्रधान सचिव वंदना डाडेल और DGP अनुराग गुप्ता की अध्यक्षता में हुई इस मीटिंग में अफीम-गांजा और ब्राउन शुगर के फैलते संजाल को भेदने के लिये कई बिंदुओं पर मंथन किया गया, वहीं इसके खात्मा के लिये पुलिस अधिकारियों को कई तरह के टिप्स भी दिये गये। वहीं कई तरह के निर्देश भी दिये गये, जैसे…
- अवैध अफीम की खेती की रोकथाम के लिये राजस्व विभाग, कृषि विभाग, वन विभाग एवं पुलिस विभाग सूचना संकलन कर आपसी मेलजोल से कठोर कार्रवाई करें।
- मीटिंग में महसूस किया गया कि अफीम की सबसे ज्यादा खेती रांची एवं खूंटी में होती है। इसकी रोकथाम को लेकर जरूरी कार्रवाई सुनिश्चित की जाये।
- अक्सर देखा गया है कि जिस जमीन में अफीम की खेती की जाती है, उसे तहस-नहस करने के बाद थाना में केवल सनहा दर्ज किया जाता है। यह सही और उचित नहीं है। इसमें FIR दर्ज हो।
- अफीम को लेकर स्पेशल ब्रांच और NCB से मिले सूचना की सत्यापन के बाद कार्रवाई अविलंब हो, वहीं कार्रवाई नहीं करने वाले संबंधित थानेदार के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाये। मानकी, मुण्डा, मुखिया, जनप्रतिनिधियों एवं महिला समिति से सम्पर्क कर उनका सहयोग लेते हुये ड्रोन कैमरा का इस्तेमाल पर जोर दें और ठोस कार्रवाई करें।
- NDPS के तहत दर्ज कांडों के अभियुक्तों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाये, वह वर्तमान में जेल में है या बाहर। ऐसे अभियुक्तों को चिन्हित करते हुये उनकी वर्तमान आय के स्रोत की स्थिति की जानकारी हासिल करना एवं ऐसे नशे के सौदागरों का डोसियर खोला जाये।
- अफीम की खेती की रोकथाम को लेकर लोगों को जागरूक करना और 26 जनवरी को अफीम की खेती नहीं करने के लिये उन्हें कसम खाने के लिये प्रोत्साहित करना।
- Online Reporting प्रणाली को विकसित करना, फोन नंबर सार्वजनिक करना, ताकि आम जनता इस बारे में कंप्लेन कर सके।
- रांची के सीनियर SP एवं खूंटी के SP नेशनल हाईवे पर स्थित होटल एवं ढाबों की रेगुलर चेकिंग करेंगे, ताकि होटल या ढाबे से धीमा जहर यानी मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री न हो सके, वहीं इसके सरगना को खोज निकालना।
- चौकीदार परेड पर जोर दें और यह पता करें कि किन चौकीदारों के क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती की जा रही है।
- NDPS एक्ट से संबंधित कांडो के अनुसंधानकर्ता खुद थानेदार या पुलिस इंस्पेक्टर होंगे, इसमें किसी तरह की लापरवाही बरती गई तो संबंधित थानेदार दंडित होंगे।
- पुलिस कप्तान NDPS एक्ट कांडो के अभियुक्त एवं उसके सरगना के साथ-साथ संगठित अपराधिक गिरोह के सदस्यों द्वारा अर्जित संपत्ति का ब्योरा हासिल कर कानून सम्मत कार्रवाई करेंगे।
- NDPS से संबंधित कांडो में यह भी देखा गया है कि ट्रक या अन्य वाहन के ड्राईवर एवं खलासी को अभियुक्त बनाकर जेल भेज दिया जाता है, वहीं आरोप पत्र समर्पित कर कांड के अनुसंधान को क्लोज कर दिया जाता है। अनुसंधान में वाहन के मालिक एवं वाहन में लगे फास्ट टैग के आधार पर वाहन के परिचालन के संबंध में किसी भी तरह के साक्ष्य एवं सत्यापन कभी नहीं किया जाता है। इस संबंध में वाहन मालिक एवं संबंधित व्यक्ति साथ फास्ट टैग के आधार पर वाहन के परिचालन से संबंधित साक्ष्य के अनुसार उनके विरुद्ध भी NDPS की धाराओं में कार्रवाई करना सुनिश्चित किया जाये।
- NDPS से संबंधित जो कांड दर्ज किये जाते हैं, उनके पूर्व जप्त वस्तु की जांच Drug Detection Kit से निश्चित रूप से करें, ताकि यह प्रमाणित हो सके की जप्त प्रदर्श अवैध मादक पदार्थ हैं।
- मादक द्रव्य पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभाव की जानकारी के लिये जिला, अनुमंडल एवं थाना स्तर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित की जायें, वहीं, बच्चों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ने के लिये डिजिटल, ऑडियो Visual प्रोजेक्टर का इस्तेमाल कर बड़े स्तर गांव-देहात में शौक्षणिक कार्यक्रम आयोजित की जायें।
- अवैध अफीम की खेती का विनष्टीकरण में लगनेवाले Manpower (बल)/Logistics (Tractors/Grass Cutter/Labour)/Other Eqipments का पूरा इंतेजाम रखने का निर्देश दिया गया है।
- अफीम की खेती करना एवं उसके दुष्प्रभाव का विस्तृत रूप से प्रचार-प्रसार करते हुये प्रभावित क्षेत्रों में उक्त भूमि पर वैकल्पिक खेती हेतु फलदायक बीजों का वितरण कराना सुनिश्चित की जाये।
इस हाई लेवल मीटिंग में प्रधान सचिव वंदना दादेल, DGP अनुराग गुप्ता, झारखंड के अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक रवि रंजन, रांची प्रक्षेत्र के IG अखिलेश कुमार झा, IG ऑपरेशन अमोल वेणकांत होमकर, IG CID असीम विक्रांत मिंज, रांची के वन प्रमाण्डल पदाधिकारी पी०आर० नायडू, रांची आयुक्त अंजनी कुमार मिश्रा, रांची के DC मंजूनाथ भजंत्री, खूंटी के DC लोकेश मिश्रा, नक्सल अभियान SP अमित रेणु, रांची के सिटी SP राज कुमार मेहता, रूरल SP सुमित कुमार अग्रवाल, खूंटी SP अमन कुमार, रांची के जिला वन पदाधिकारी श्रीकांत वर्मा, खूंटी के जिला वन पदाधिकारी दिलीप कुमार यादव एवं रांची-खूंटी के SDO, DSP, SDPO, CO एवं थानेदार मौजूद थे।
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