Kohramlive : EPFO के करोड़ों सब्सक्राइबर्स के लिए अच्छी खबर है। EPFO ने अंशधारकों के लिए उच्च पेंशन का विकल्प चुनने के लिए तय की गई समयसीमा बढ़ा दी है। अब अधिक पेंशन का लाभ उठाने के इच्छुक लोग 26 जून तक इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन सुविधा मुहैया कराई गई थी। अब तक 12 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। बता दें की ऑनलाइन सुविधा केवल आज यानि 3 मई 2023 तक ही उपलब्ध थी।
दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2022 में Employees Pension (Amendment) Scheme 2014 को बरकरार रखने की बात कही थी। साल 2014 में किए गए ईपीएस संशोधन में पेंशन सैलरी कैप को 6,500 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये प्रतिमाह करने की बात कही गई थी। इसके अलावा मेंबर्स और एम्प्लॉयर्स को Employees Pension Scheme के अंतर्गत उनके वास्तविक वेतन का 8.33 प्रतिशत कंट्रीब्यूट करने की बात भी कही गई थी। ईपीएफओ ने अपनी वेबसाइट पर कहा था कि जो कर्मचारी एक सितंबर 2014 से पहले सेवा में थे और एक सितंबर 2014 को या उसके बाद सेवा में बने रहे, लेकिन कर्मचारी पेंशन योजना के तहत संयुक्त विकल्प का इस्तेमाल नहीं कर सके हैं वे अब इसका लाभ उठा सकते हैं।
वर्तमान में, कर्मचारी और नियोक्ता दोनों कर्मचारी के मूल वेतन, महंगाई भत्ते और रिटेनिंग भत्ते, यदि कोई हो, का 12 प्रतिशत कर्मचारी भविष्य निधि या ईपीएफ में योगदान करते हैं। कर्मचारी का पूरा योगदान ईपीएफ में जाता है, जबकि नियोक्ता द्वारा 12 प्रतिशत योगदान ईपीएफ में 3.67 प्रतिशत और ईपीएस में 8.33 प्रतिशत के रूप में विभाजित किया जाता है। भारत सरकार एक कर्मचारी की पेंशन में 1.16 प्रतिशत का योगदान करती है, जबकि कर्मचारी पेंशन योजना में योगदान नहीं करते हैं।
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