Palamu : पलामू में शिक्षिका भारती पाण्डेय से जुड़े मामले में जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। DEO कार्यालय के लिपिक ईश्वरी दयाल राम को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं दूसरे लिपिक अरुण कुमार गिरि का तबादला कर उन्हें गढ़वा के रंका भेज दिया गया है। प्रशासन ने बताया कि 21 जुलाई को सोना नर्सिंग होम में जांच के दौरान डॉक्टर ने भारती पाण्डेय को तुरंत अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी थी, क्योंकि उनकी तबीयत गंभीर थी। लेकिन उन्होंने भर्ती होने से इनकार कर दिया। 24 जुलाई को भी डॉक्टर ने दोबारा भर्ती होने को कहा, लेकिन उन्होंने तब भी बात नहीं मानी।
25 जुलाई को जब वह फिर अस्पताल पहुंचीं तो जांच में पता चला कि गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत हो चुकी है। इसके बाद डॉक्टरों ने जरूरी मेडिकल प्रक्रिया पूरी कराई। प्रशासन ने यह भी साफ किया कि भारती पाण्डेय ने मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) के लिए आवेदन नहीं दिया था। उन्होंने अपनी 7 साल की बेटी अदिति की देखभाल के लिए चाइल्ड केयर लीव (CCL) मांगी थी। नियमों के अनुसार उनके आवेदन को मंजूर करते हुये 185 दिनों की छुट्टी स्वीकृत कर दी गई थी। जिला प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले में उपलब्ध दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की गई है। साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए जरूरी कदम उठाये जा रहे हैं।
यहां याद दिला दें कि पलामू में प्रसव के दौरान एक शिक्षिका के गर्भ में ही नवजात की मौत हो गई थी। परिजनों ने DEO कार्यालय पर प्रसूति अवकाश मंजूर करने के बदले ₹50 हजार रिश्वत मांगने और छुट्टी में देरी का इल्जाम लगाया था। उनका दावा था कि इसी वजह से यह दर्दनाक घटना हुई। घटना के बाद व्हाट्सएप पर अवकाश स्वीकृति भेजे जाने का भी आरोप लगाया गया था। वहीं, DEO संदीप कुमार ने सभी आरोपों से इनकार करते हुये कहा कि अवकाश नियमानुसार स्वीकृत किया गया है।






