Garhwa(Nityanand Dubey) : गढ़वा के बाबू दिनेश सिंह विश्वविद्यालय के तहत दिनेश कॉलेज ऑफ एजुकेशन और डिपार्टमेंट ऑफ लॉ के साझा बैनर के तले आज ‘भारतीय भाषा उत्सव 2025’ का आयोजन किया गया। NCTE के निर्देशानुसार आयोजित यह कार्यक्रम भारत की भाषाई विविधता और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत उदाहरण बना। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद वहां मौजूद अतिथियों और वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति की इस परंपरा के बीच उत्सव का शुभारंभ किया। उत्सव की शुरुआत महानतम तमिल कवि सुब्रमण्यम भारती के जीवन परिचय के साथ की गई। देशभर में उनका जन्मदिवस भाषाई विविधता और सांस्कृतिक सम्मान को समर्पित कार्यक्रमों के रूप में मनाया जा रहा है।
भाषा अनेक, भाव एकः डॉ. सुनीता गुप्ता
दिनेश कॉलेज ऑफ एजुकेशन की प्राचार्या डॉ. सुनीता गुप्ता ने अपने संबोधन में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की मूल भावना को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “भारत में भाषायें अनेक हैं, लेकिन भाव एक, यही हमारी एकता की ताकत है।” उन्होंने बताया कि भारत का सबसे बड़ा वैभव इसकी भाषाई विविधता है और यह उत्सव इसी सौंदर्य को अनुभव करने का माध्यम है। डिपार्टमेंट ऑफ लॉ की उप प्राचार्या किरण श्रीवास्तव ने छात्रों को भारतीय संविधान में शामिल 22 भाषाओं के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि भाषायें न सिर्फ अभिव्यक्ति का माध्यम हैं, बल्कि संवैधानिक व सांस्कृतिक एकता की मजबूत कड़ी भी हैं। कार्यक्रम में बी.एड., डी.एल.एड. और लॉ विभाग के विद्यार्थियों ने विभिन्न भारतीय भाषाओं में कवितायें व कहानियां प्रस्तुत कीं। वहीं, छात्रों द्वारा बनाई गई पेंटिंग्स में भारत की बहुरंगी संस्कृति, परंपरायें और भाषायी समृद्धि खूबसूरती से प्रदर्शित हुईं। मंच संचालन अभिषेक और कंचन ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में तीनों विभागों के शिक्षक सुनील सिंह, शशिकांत सिंह यादव, अरविंद तिवारी, आनंद चौबे, सतीश बिंद, सी.पी. मिश्रा सहित सभी शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की सराहनीय भूमिका रही।






