Kohramlive : जवानी की दहलीज में कदम रख रहे अरुण शर्मा को एक बुरी लत ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया। वह 6 साल के एक मासूम बच्चे की हत्या के जुर्म में पकड़ा गया। लगभग 18 साल का अरुण अपने सगे दादा-दादी को अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानता था। दादा-दादी उसे पबजी खेलने से मना करते थे। वहीं खेलते देख खूब डांटते भी थे। इसी वजह अरुण अपने दादा-दादी को सबक सिखाना चाहता था। उसने ऐसा खतरनाक कांड कर डाला कि कुछ पल के लिए पुलिस भी सकते में पड़ गई। सहसा पुलिस को यकीन नहीं हो रहा था कि कोई पोता अपने दादा-दादी को फंसाने की खातिर किसी का खून भी कर सकता है। पर अरुण ने जब अपनी जुबां से अपना जुर्म कबूल कर पुलिस को यह बताया कि उसने 6 साल के मासूम संस्कार यादव का खून कर उसकी डेड बॉडी को शौचालय में छिपा रखा है।
अरुण में थी सुसाइडल टेंडेंसी
अरुण के बताए अनुसार डेड बॉडी भी बरामद कर ली गई। जवान अरुण की हरकत और करतूत जान और सुन लोग अवाक रह गए। कुछ लोगों ने बताया कि पबजी खेलने की बुरी लत में जकड़े अरुण में सुसाइडल टेंडेंसी आ गई थी। कुछ दिन पहले की ही बात है, वह पास के एक रेल लाइन पर लेट गया था। तब उसे समझा-बुझाकर किसी तरह घर लाया गया था। उस वक्त किसी के दिलों-दिमाग में यह बात कौंधी तक नहीं थी कि यह एक रोज कातिल बन जाएगा।
अरुण के दादा से ट्यूशन पढ़ने जाता था संस्कार
मारा गया 6 साल का मासूम संस्कार यादव अरुण के दादा से ट्यूशन पढ़ने जाया करता था। बीते बुधवार को भी वह अपने तय समय पर कोचिंग पढ़ने के इरादे से घर से निकला, फिर लौट कर घर नहीं आया। संस्कार के घरवाले बहुत परेशान हो गए। उसके पिता गोरख यादव ने अपने बेटे संस्कार को हर संभावित ठिकानों पर बहुत खोजा, पर वह नहीं मिला। इसी खोजबीन में घर के नजदीक ही एक खेत में पड़ा लेटर मिला। लेटर में लिखा था कि बालक के पिता गोरख यादव पांच लाख रुपये का जुगाड़ कर लो वरना तेरे लड़के को नहीं छोड़ा जाएगा। यह बात फैलते ही परिवार और पूरे गांव में तहलका मच गया। बात थाने तक पहुंची। शक की बुनियाद पर ट्यूशन पढ़ाने वाले टीचर के पोते अरुण को उठाया गया। राज खुला तो पुलिस के साथ-साथ हर किसी का माथा ठनक गया। गिरफ्तार अरुण ने पुलिस को बताया कि उसने मासूम संस्कार का पहले फेवीक्विक से मुंह चिपका दिया था, ताकि वह शोर ना मचा सके। इसके बाद बड़ी बेरहमी से उसका काम तमाम कर दिया गया, उसकी डेड बॉडी को अपने घर के शौचालय में छुपा दिया। अरुण का मकसद यह था कि डेड बॉडी मिलने के बाद वह अपने दादा-दादी को इस मर्डर केस में बड़े आराम से फंसा सके। दिल को झकझोर देने वाली यह वारदात यूपी के देवरिया से सामने आई है।
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