गुमला : कृषि विज्ञान केंद्र गुमला विकास भारती बिशुनपुर के वरीय वैज्ञानिक डॉ.संजय कुमार ने कहा है कि एक समय था, जब 70 के दशक में भारत गेहूं के लिए अमेरिका पर निर्भर रहता था। लगातार किसानों एवं वैज्ञानिकों की मेहनत से देश आज आत्मनिर्भर बन चुका है। उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार, राजस्थान, हरियाणा एवं मध्य प्रदेश में 93 प्रतिशत गेहूं का उत्पादन होता हैl
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झारखंड में मुख्य फसल के रूप में धान की खेती एकल फसल पद्धति के रूप में की जाती थी, लेकिन वैज्ञानिकों एवं इससे जुड़े कार्यकर्ताओं एवं सरकार की नीतियों के कारण धीरे-धीरे इसका क्षेत्रफल एवं उत्पादकता में अब परिवर्तन देखने को मिल रहा है। आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के कारण गुमला में एकल फसल पद्धति के रूप में धान की खेती को ही प्राथमिकता दी जाती थी, अब यहां गेहूं की खेती का क्षेत्रफल बढ़ा रहा है। आने वाले दिनों में गुमला जिला गेहूं उत्पादन में भी अपना स्थान बनाएगा। पिछले वर्ष इस जिले में लगभग 12,000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गेहूं की खेती की गई थी। इस वर्ष लगभग 12,600 हेक्टेयर क्षेत्रफल में होने का अनुमान हैl
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