Bihar : बिहार के नालंदा के मलावां गांव में मातम तो था ही, मगर अब वहां गुस्सा भी है… वो गुस्सा जो लाठी बनकर बरस पड़ा। बीते शनिवार की सुबह एक दर्दनाक हादसे ने 9 जिंदगियां छीन लीं – ट्रक और ऑटो की टक्कर में। पूरा गांव दुख में डूबा हुआ था और उसी दर्द को बांटने बुधवार को पहुंचे सरकार के नुमाइंदे – मंत्री श्रवण कुमार और विधायक प्रेम मुखिया। पर संवेदनाओं के इस दौरे में जो चिंगारी छुपी थी, वो तब शोला बन गई, जब गांव वालों की एक मासूम सी गुजारिश – “थोड़ी देर और रुकिये” को अनसुना कर दिया गया। मंत्री का जवाब था – “कार्यक्रम आगे बढ़ाना है”, और बस फिर क्या था… टूटे हुये दिलों ने सब्र भी तोड़ दिया।
लाठी-डंडों की बारिश शुरू हो गई। जिनके घरों में चूल्हे बुझ गये थे, उन्होंने अपने गुस्से से गांव की सड़कों को गरमा दिया। मंत्री-विधायक जान बचाकर एक किलोमीटर दूर भागे और पीछे रह गई हंगामे की वो गूंज जिसे चुप कराने आई भारी पुलिस फौज। ग्रामीणों का इल्जाम है कि हादसे के दिन जाम हटाने की गुज़ारिश की गई, मगर अब तक ना मिला न्याय, ना मुआवज़ा। गांव का ये आक्रोश अब सिर्फ एक हादसे की टीस नहीं, बल्कि व्यवस्था पर उठता सवाल बन चुका है। हालांकि इस बारे में फिलहाल मंत्री की ओर से कोई पक्ष सामने नहीं आया है।
Bihar JDU Minister Shravan Kumar runs for 1 km to save his life from angry villagers. pic.twitter.com/EI7A8actWG
— Sachin (@Sachin54620442) August 27, 2025
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