Kohramlive : रविवार तड़के, घड़ी ने 6:40 बजे (ET) का वक्त दिखाया और आसमान में गरजे अमेरिकी बी-2 बमवर्षक, टॉमहॉक मिसाइलें दागी गईं, परमाणु ठिकानों की चूलें हिल गईं और फिर सबकुछ शांत। तीन मिनट के अंदर में तीन परमाणु ठिकाने तहस-नहस हो गये। फोर्दो, नतांज और इस्फहान अब सिर्फ खंडहर हैं। अमेरिकी बी-2 बमवर्षकों ने गिराये 30,000 पाउंड के बंकर-बस्टर बम, 125 से अधिक विमान, रडार-चकराते ड्रोन, मिसाइलें और “इतिहास की सबसे चुपचाप और मारक कार्रवाई।
ट्रंप बोले, शांति दो, वर्ना बर्बादी लो!
“हमने ईरान के परमाणु हथियारों का रास्ता बंद कर दिया है। यदि उन्होंने नहीं सीखा, तो अगली बार हम और भी भीतर जायेंगे।” अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ का दिशा भ्रम और साइबर हमला, सब मिलाकर इतिहास रच दिया गया। बी-2 की इस उड़ान को बताया गया 9/11 के बाद का सबसे बड़ा मिशन। समुद्र से टॉमहॉक दागे, अंतरिक्ष से निगरानी, साइबर से कम्युनिकेशन तोड़ा गया।”
जनरल डैन केन बोले, “18 घंटे लंबी उड़ान, एक साथ चार सेनायें और शून्य नुकसान, यह ताकत है अमेरिका की।
हमने ईरानी सेना को मौका ही नहीं दिया कि वह रिएक्ट कर सके। कोई ईरानी नागरिक या सैनिक नहीं मारा गया, अमेरिका की Surgical Strike में। हमारे लक्ष्य केवल ईरान के हथियार थे, इंसान नहीं।










