कोहराम लाइव डेस्क : गुजरात के आणंद के रहने वाले 27 वर्षीय अक्षर पटेल ने इंग्लैंड के खिलाफ दिन-रात के तीसरे टेस्ट में रिकॉर्ड 11 विकेट लेकर अपना सुपर परफॉर्मेंस साबित कर दिखाया। बायें हाथ के इस स्पिनर को वह बड़ा ब्रेक मिल गया, जिसकी उन्हें 7 साल से तलाश थी।
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मौके का धैर्य के साथ किया इंतजार
अक्षर ने हार्दिक पंड्या को इंटरव्यू में बताया, ‘मैं अपने खेल के पहलुओं पर मेहनत करता रहा। मैंने अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी पर काफी मेहनत की।’ पटेल ने कहा ‘जब आप टीम से बाहर होते हैं तो दोस्त और दूसरे लोग बार-बार पूछते हैं कि अच्छा प्रदर्शन करने पर भी टीम में क्यों नहीं हो। ये चीजें दिमाग में आती रहती हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मैं खुद से यही कहता था कि मौके का इंतजार करो और जब भी मौका मिलेगा, मैं अपना शत-प्रतिशत दूंगा।’
15 साल की उम्र में दोस्त के कहने पर क्रिकेट में आए
उल्लेखनीय है कि अक्षर 15 साल की उम्र में स्कूल के एक दोस्त के कहने पर क्रिकेट में आए। उनकी दादी ने उनका पूरा साथ दिया, लेकिन उनके भारतीय टीम में आने से पहले ही दादी का देहांत हो गया। उन्होंने कहा, ‘मैं पूरा श्रेय अपने परिवार, दोस्तों और साथी खिलाड़ियों को दूंगा जिन्होंने कठिन समय में मेरा साथ दिया।’
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कैप्टन कोहली ने की तारीफ
इंटरव्यू के आखिर में भारतीय कप्तान विराट कोहली ने भी अक्षर के प्रदर्शन की गुजराती में तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘ऐ बापू तारी बॉलिंग कमाल छे (बापू तुम्हारी गेंदबाजी शानदार है)।’
सात साल पहले वन डे क्रिकेट में किया था पदार्पण
अक्षर पटेल ने 7 साल पहले बांग्लादेश के खिलाफ वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया था। उस दिन के बाद से टीम में वह स्थायी जगह नहीं बना सके, क्योंकि स्पिन हरफनमौला के रूप में रवींद्र जडेजा की जगह पक्की थी। इस सीरीज में भी जडेजा के चोटिल होने के कारण उन्हें मौका मिला। वह 2018 से राष्ट्रीय टीम से बाहर हैं। इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई में दूसरे टेस्ट में उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया।
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