Ranchi : JPSC और JSSC की परीक्षाओं में सुधार, कथित अनियमितताओं की जांच और लंबित मांगों को लेकर छात्रों का आंदोलन रविवार को 23वें दिन भी जारी रहा। जयपाल सिंह स्टेडियम में जुटे अभ्यर्थियों के बीच मुख्यमंत्री आवास के घेराव और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की चर्चा जरूर तेज है, लेकिन आंदोलन से जुड़े कई छात्रों ने साफ कर दिया है, उनका मकसद सरकार गिराना या टकराव पैदा करना नहीं है। उनकी सीधी मांग है, व्यवस्था सुधरे, परीक्षाओं में पारदर्शिता आये और उन्हें पढ़ाई कर नौकरी पाने का निष्पक्ष मौका मिले। JPSC- JSSC रिफॉर्म मंच से जुड़े अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से संवाद की अपील की। अभ्यर्थियों ने कहा कि पिछले 23 दिनों से छात्र आंदोलन कर रहे हैं और अब लगातार सड़क पर रहने से उनमें निराशा बढ़ रही है। उनका कहना है कि सरकार छात्रों से बातचीत करे और उनकी मांगों पर ठोस फैसला ले। अभ्यर्थियों ने स्वतंत्रता दिवस पर निकाली गई तिरंगा यात्रा का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक छात्रों ने इसके जरिये सरकार को अपनी एकजुटता और शांतिपूर्ण आंदोलन का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि मुख्यमंत्री छात्रों से बातचीत कर सकारात्मक फैसला लेते हैं, तो छात्र उनके सम्मान में विशाल मार्च निकाल सकते हैं। अभ्यर्थियों ने कहा कि मुख्यमंत्री छात्रों के लिये बड़े भाई की तरह हैं और उन्हें भरोसा है कि छात्रों के साथ गलत नहीं होने दिया जायेगा। सरकार और छात्रों के बीच पहले तीन दौर की बैठक हो चुकी है। कुछ मांगों पर सहमति भी बनी थी, जबकि कुछ मामलों में सरकार ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर होने की बात कहते हुये समय मांगा था। हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कोचिंग माफिया के कारण बातचीत की प्रक्रिया प्रभावित हुई।
तो परीक्षा रद्द करने की मांग गलत कैसे?
JSSC CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग पर अभ्यर्थियों ने कहा कि छात्र किसी पूर्वाग्रह के कारण यह मांग नहीं कर रहे हैं। उनके मुताबिक नेपाल एंगल, अभय तिवारी प्रकरण और अन्य तथ्य जांच एजेंसियों की जांच में सामने आये हैं। ऐसे में छात्रों का सवाल है कि जब जांच में तथ्य सामने आ चुके हैं तो परीक्षा को लेकर दोबारा विचार क्यों नहीं किया जा सकता? छात्रों का कहना है कि सरकार को इस मामले में उनके हित में स्पष्ट और ठोस निर्णय लेना चाहिये। 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा से जुड़े याचिकाकर्ता और JPSC- JSSC न्याय मंच के सदस्य प्रेम कुमार ने मुख्यमंत्री के स्वतंत्रता दिवस संबोधन का जिक्र करते हुये मीडिया से कहा कि मुख्यमंत्री ने छात्रों और परीक्षा सुधार के मुद्दे पर संवेदनशीलता दिखाई है। उन्होंने साफ कहा कि छात्र मुख्यमंत्री का इस्तीफा नहीं चाहते। उनका तर्क है कि किसी मुख्यमंत्री का इस्तीफा समस्या का स्थायी समाधान नहीं है। अगर गड़बड़ी व्यवस्था या अधिकारी स्तर पर है तो सरकार बदलने के बाद भी वही परेशानी दोबारा खड़ी हो सकती है। यानी लड़ाई किसी चेहरे से नहीं, व्यवस्था में बदलाव के लिये है।
CGL पर CBI जांच या परीक्षा रद्द—सरकार ले फैसला
प्रेम कुमार ने सरकार के सामने दो बड़े विकल्प रखने की बात कही, विवादित परीक्षाओं में CBI जांच कराई जाये या परीक्षा रद्द करने पर फैसला हो। उन्होंने कहा कि यदि सरकार इन मुद्दों पर पहल करती है तो मुख्यमंत्री आवास के घेराव जैसे प्रस्तावित कार्यक्रमों को टाला जा सकता है। छात्रों ने फिलहाल कुछ मांगों पर तत्काल फैसला लेने की अपील की है, जैसे JPSC की कॉपियां अभ्यर्थियों को दिखाई जायें। JSSC का स्कोर कार्ड उपलब्ध कराया जाये। कटऑफ जारी किया जाये। सरकार एक श्वेत पत्र जारी कर बताये कि कौन-कौन सी मांगें स्वीकार हुई हैं। प्रेम कुमार का कहना है कि कथित पेपर लीक के कारण छात्रों का एक अवसर प्रभावित हुआ है। ऐसे में सरकार को कम से कम 2000 पदों पर JSSC CGL की नई भर्ती शुरू करनी चाहिये। वहीं JPSC में कम से कम 300 पदों पर अधियाचना निकालने और अभ्यर्थियों को उम्र सीमा में छूट देने की मांग भी रखी गई है। छात्रों का कहना है कि ऐसी पहल होती है तो वे आंदोलन छोड़कर फिर से किताब-कॉपी लेकर तैयारी में जुटना चाहेंगे। कुछ अभ्यर्थियों ने कहा कि छात्रों का आंदोलन छात्रों को ही चलाने देना चाहिये। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग आंदोलन में शामिल होकर छात्रों को भड़काने या आंदोलन को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि छात्र शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठा रहे हैं। उनका मकसद न मारपीट है, न सरकार गिराना। लगातार 23 दिनों से आंदोलन कर रहे छात्रों का कहना है कि बारिश, धूप और गर्मी के बीच सड़क पर रहना आसान नहीं है। भोजन-पानी की दिक्कतें भी सामने आने लगी हैं। कई अभ्यर्थी थकान और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि सरकार उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस पहल करती है तो मुख्यमंत्री आवास घेराव जैसे कार्यक्रमों को टाला जा सकता है।








