रांची : 16 वर्षीय छात्रा की मौत का मामला ढाई महीने बाद फिर से सुर्खियों में है। 13 नवंबर को नाबालिग की दफनाई लाश को जांच के लिए पुलिस ने बाहर निकाला है और पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया है। अब इस मामले की गहन जांच की जाएगी। इसके बाद से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
मामला है रांची के रातू प्रखंड ठाकुर गांव थाना क्षेत्र के बानापीड़ी गांव का। यहीं के मसना स्थल से किशोरी का शव कब्र से बाहर निकाला गया, जिसकी मौत 30 अगस्त 2020 को हुई थी। मौत संदेहास्पद स्थिति में हुई थी, पर परिजनों ने पुलिस को नहीं बताया और शव को मसना स्थल में दफना दिया।
बिना सूचना दफन कर दी गई लाश
30 अगस्त को अपने नाना के घर नगड़ी में नाबालिग की मौत संदेहास्पद स्थिति में हुई थी। इसके बाद मामले की जानकारी छात्रा के पिता को दी गई। पिता ने शव को नगड़ी से लाकर रातू प्रखंड के बानापीड़ी में बिना पुलिस को सूचना दिये दफना दिया। वहीं छात्रा के परिजनों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को बताया कि लड़की की मौत कोरोना के कारण हो गई है।
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प्रेम प्रसंग के विवाद में मौत का संदेह
छात्रा की मौत को लेकर स्थानीय ग्रामीणों को शक है कि इसमें प्रेम प्रसंग का विवाद है। इस बात को लेकर छात्रा और उसके घरवाले के बीच काफी झगड़े भी होते थे। इसी कारण छात्रा को उसके ननिहाल भेजा गया था। अचानक उसकी मौत की खबर आई, तो गांव वालों और भी शक होने लगा। फिर खबर उड़ी कि परिजनों की डांट-फटकार के बाद उसने आत्महत्या कर ली थी।
पुलिस हर पहलू की जांच कर रही
गांव में उसकी मौत को लेकर कई तरह के संदेह फैलने लगे। पुलिस को भी इसकी भनक लगी। देर से ही सही, पर जब इसकी सूचना पहुंची, तो फिर पुलिस एक्शन में आई। पुलिस ने जांच टीम भी बनाई। मसना स्थल पहुंचकर शव को बाहर निकाला और जांच के लिए रिम्स भेजा। अब आगे की कार्रवाई रिम्स से रिपोर्ट आने के बाद ही होगी।
पुलिस पूरे मामले की ऑनर किलिंग के एंगल पर भी तफ्तीश कर रही है। पुलिस को यह शक है कि जब मौत आत्महत्या या कोरोना के कारण हुई थी तो इसकी सूचना क्यों नहीं दी गई।
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