Kohramlive : उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई बदलाव होने लगते हैं और इसका असर कोलेस्ट्रॉल के स्तर पर भी पड़ सकता है। खास बात यह है कि बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल अक्सर कोई स्पष्ट लक्षण नहीं देता। ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ खान-पान और रोजमर्रा की आदतों पर ध्यान देना बेहद जरूरी हो जाता है। सुबह की शुरुआत पूरे दिन की दिनचर्या को प्रभावित करती है। अगर सुबह शारीरिक गतिविधि न हो, नाश्ता असंतुलित हो या चाय-कॉफी के साथ लगातार मीठे और प्रोसेस्ड स्नैक्स लिये जायें, तो ये आदतें ओवरऑल हेल्थ पर असर डाल सकती हैं।
उठने के बाद बिल्कुल एक्टिव न होना
सुबह उठने के बाद लंबे समय तक बैठे या लेटे रहना और दिन की शुरुआत बिना किसी शारीरिक गतिविधि के करना आपकी कुल दैनिक एक्टिविटी को कम कर सकता है। नियमित शारीरिक गतिविधि स्वस्थ वजन बनाये रखने और हृदय स्वास्थ्य के लिये महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसलिये सुबह हल्की वॉक, स्ट्रेचिंग या अपनी क्षमता के अनुसार कोई अन्य शारीरिक गतिविधि दिनचर्या में शामिल की जा सकती है।
नाश्ते में सैचुरेटेड फैट की अधिक मात्रा
सुबह के नाश्ते में बार-बार तले हुये खाद्य पदार्थ, ज्यादा मक्खन-घी या प्रोसेस्ड मीट जैसी चीजों का सेवन करने से डाइट में सैचुरेटेड फैट की मात्रा बढ़ सकती है। अधिक सैचुरेटेड फैट LDL यानी ‘खराब’ कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा सकता है। इसके बजाय नाश्ते में फाइबर से भरपूर साबुत अनाज, फल और अन्य पौष्टिक विकल्पों को शामिल करना बेहतर हो सकता है।
चाय-कॉफी के साथ रोजाना मीठा और पैकेज्ड स्नैक
चाय या कॉफी के साथ रोजाना बिस्किट, पेस्ट्री, पैकेज्ड स्नैक्स या ज्यादा चीनी वाली चीजें खाने की आदत कुल कैलोरी और अस्वास्थ्यकर वसा के सेवन को बढ़ा सकती है। इसकी जगह कम चीनी वाली चाय-कॉफी के साथ फल, थोड़े नट्स या कोई अन्य पौष्टिक स्नैक लिया जा सकता है।
छोटी आदतें, बड़ा असर
कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने के लिये केवल सुबह की दिनचर्या ही नहीं, बल्कि पूरे दिन का खान-पान, शारीरिक गतिविधि, वजन, नींद और अन्य जीवनशैली संबंधी आदतें महत्वपूर्ण होती हैं। अगर लंबे समय से कोलेस्ट्रॉल की जांच नहीं हुई है, तो डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित जांच कराना उपयोगी हो सकता है। खासकर जिन लोगों में हृदय रोग या हाई कोलेस्ट्रॉल का जोखिम अधिक है, उन्हें अपनी दिनचर्या और डाइट में बदलाव डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह से करना चाहिये।
नोट: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य जागरूकता के लिये है। कोलेस्ट्रॉल या हृदय संबंधी समस्या होने पर व्यक्तिगत सलाह के लिये योग्य डॉक्टर से संपर्क करें।





