Kohramlive Desk : आठवीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले नीतीश कुमार ने सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट किया है कि उनके मन में प्रधानमंत्री बनने की कोई लालसा और सपना कभी नहीं रहा है। चूंकि एनडीए का साथ छोड़ने के बाद भाजपा का यह आरोप है कि उनके मन में प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा है, इसलिए उन्होंने एनडीए से नाता तोड़ा है।
‘2020 के चुनाव के बाद नहीं बनना चाहता था मुख्यमंत्री’
पीएम पद की दावेदारी को लेकर नीतीश कुमार ने कहा- मैं ऐसे किसी पद का दावेदार नहीं हूं। राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह से पहले नीतीश कुमार ने कहा कि वो जहां भी रहें, बीजेपी के साथ नहीं रहेंगे। नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के बाद वो मुख्यमंत्री नहीं बनना चाहते थे, लेकिन उन्हें चारों तरफ से घेरकर सीएम बना दिया गया। शपथ ग्रहण के बाद मीडिया से बात करते हुए नीतीश कुमार ने पीएम नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा- वो 2014 में जीत गए, लेकिन उन्हें 2024 की चिंता करनी चाहिए। नीतीश कुमार ने कहा- जो 2014 में सत्ता में आए, क्या वे 2024 में विजयी होंगे, मैं चाहता हूं कि 2024 के लिए सभी (विपक्ष) एकजुट हों।
शपथ ग्रहण समारोह में शामिल नहीं हुई बीजेपी
नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण के दौरान बिहार विधानसभा में 77 विधायकों वाली बीजेपी का एक भी सदस्य उपस्थित नहीं रहा। हालांकि शपथग्रहण समारोह में बीजेपी नेताओं की अनुपस्थिति को लेकर सुशील कुमार मोदी ने कहा- जिस पार्टी के साथ नीतीश कुमार ने एक दिन पहले गठबंधन तोड़ा, उसे शपथ ग्रहण समारोह का निमंत्रण भी नहीं भेजा।
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