Ranchi: कभी पुलिस को नहीं गुदानने वाले खूंखार इनामी दुर्योधन महतो उर्फ मिथलेश उर्फ बड़का दा आज पुलिस के सामने नतमस्तक था। करीब 104 संगीन जुर्म को अंजाम देने वाले मिथलेश के सिर पर सरकार ने पूरे 15 लाख रुपये के इनाम रखे थे। मिथलेश को गद्दार करार देकर संगठन ने उसे निकाल दिया था। तब मिथलेश पुलिस की पनाह में आ गया। खुद उसने कहा कि संगठन अपने मकसद से भटक गया है। बेहद कमजोर हो गया है। जनता कट चुकी है। अब केवल 10 परसेंट ही उनमें जान बची है। गिने-चुने माओवादी जंगल में पड़े हैं। पुलिस के सामने सरेंडर करने के बाद मिथलेश ने कहा कि पुलिस की छवि में बदलाव आया है। पुलिस मुख्यालय में आने में सारा वहम दूर हो गया। पुलिस का बर्त्ताव बहुत बढ़िया रहा। मिथलेश ने कहा कि जंगल में जो कोई हथियार थामे बैठे हैं, उन्हें पुलिस के सामने सरेंडर कर देना चाहिये। वहीं आईजी अमोल वेणुकांत होमकर ने कहा कि भाकपा माओवादियों का संगठन सिकुड़ गया है। पहली जैसी अब बातें नहीं रही। संगठन में शोषण चरम पर है। संगठन में अब कोई दम नहीं रहा। बूढ़ा पहाड़ जैसे नक्सलियों के गढ़ ढहा दिये गये। वहीं नक्सल प्रभावित इलाकों में भी अब नक्सलियों का कोई खौफ नहीं रहा। गुजरे साल में 13 सौ छोटे-बड़े नक्सलियों को सलाखों के पीछे डाला गया। 50 से ज्यादा हार्ड कोर नक्सलियों ने सरेंडर कर दिया। वहीं 31 माओवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया गया।
इसे भी पढ़ें :DGP नीरज सिन्हा कल होंगे रिटायर, यहां होगा विदाई समारोह
इसे भी पढ़ें :1 लाख लोगों को नौकरी देंगे मुकेश अंबानी, इन्वेस्ट करेंगे 75 हजार करोड़
इसे भी पढ़ें :रतन हाइट्स अपार्टमेंट की बदलेगी तस्वीर : DC
इसे भी पढ़ें :वर्चस्व के खेल में मारा गया था विजय उरांव : SP
इसे भी पढ़ें :7 स्कूली बच्चों की दर्दनाक मौ*त, रूह कंपा गया हादसे का मंजर
इसे भी पढ़ें :कैफेटेरिया और हॉस्टल मेस से समोसा-कचौरी बाहर, जानिए प्रशासन ने क्या किया बदलाव
इसे भी पढ़ें :घूसखोर FSO धराया… देखें कहां
इसे भी पढ़ें :सब सहेली का तो बच्चा भी हो गया, मेरा भी लगा दें जुगाड़, ”पिंकी” का खत हुआ वायरल












