Kohramlive : इस साल धनतेरस पर 100 साल बाद त्रिग्रही योग यानी त्रिपुष्कर योग, वैधृति योग, इंद्र योग और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र का महासंयोग बन रहा है। धनतेरस नाम ”धन” और ”तेरस” शब्दों से आया है। यहां धन का अर्थ धन और समृद्धि है, वहीं तेरस का अर्थ हिंदू कैलेंडर का 13 वां दिन है। इस रोज भगवान स्वास्थ्य के देवता धन्वतरि की पूजा की जाती है। इनकी आराधना से रोग से मुक्ति मिलती है। वहीं, धनतेरस के दिन कुबेर देव और देवी लक्ष्मी की पूजा करने की भी परंपरा है। इस साल महासंयोग बनने से कुछ राशियों पर खास रूप से फायदा होगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में बड़ी उन्नति हो सकती है। इस बार धनतेरस 29 अक्टूबर को है।
धनतेरस पर शुभ योग
धनतेरस पर इस बार 100 साल बाद दुर्लभ संयोग बनने जा रहा है, धनत्रयोदशी यानी धनतेरस के दिन त्रिग्रही योग, इंद्र योग, त्रिपुष्कर योग, लक्ष्मी नारायण योग, शश महापुरुष राजयोग कुल 5 शुभ संयोग बन रहे हैं। ऐसे में पूजा और खरीदारी का विशेष लाभ मिलेगा।
इंद्र योगः 28 अक्टूबर 2024, सुबह 6.48 से 29 अक्टूबर सुबह 7.48 तक।
त्रिपुष्कर योगः 6.31 से सुबह 10.31 (29 अक्टूबर) तक।
लक्ष्मी-नारायण योगः धनतेरस के दिन वृश्चिक राशि में शुक्र और बुध एक साथ विराजमान रहेंगे, ऐसे में लक्ष्मी नारायण योग का निर्माण होगा।
मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इस दिन बनने वाला योग धनु, तुला और कर्क राशि के लिये बेहद शुभ माना जायेगा। इन राशि वालो को अप्रत्याशित लाभ हो सकता है। परिवार के सदस्यों की मदद से कारोबार आगे बढ़ सकता है। बिजनेस में बड़े सौदे कर सकते हैं। भविष्य में अच्छा मुनाफा हो सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जिससे मान-सम्मान बढ़ेगा। बेरोजगारों को नौकरी के अवसर मिल सकते हैं।
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