कोहराम लाइव डेस्क : 17 साल बाद धरती की कोख से बाहर आता है सिकाडा। सिकाडा एक ऐसा कीड़ा जो कभी अकेले धरती से बाहर नहीं निकलता। यह अक्सर झुंड में ही आता है। जब कभी बाहर आता है तो यह बंजर जमीन को भी भुरभुरा कर जाता है। मतलब जाने अनजाने किसानों की मदद कर उस जमीन को उपजाउ बना जाता है। इस कीड़े की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह किसी का कोई नुकसान नहीं करता। इंसान हो या जानवर उसका निवाला बन उसे भरपूर मात्रा में दे जाता है प्रोटीन। शायद यही वजह है कि लोग इस कीड़े का इंतजार करते हैं। इसकी आंखें बिल्कुल लाल रंग की होती है। मादा सिकाडा को आकर्षित करने के लिए मेल सिकाडा गाना गाता है। उसकी आवाज इतनी तेज होती है कि पास खड़े किसी के भी कानों को असर कर जाए। इसकी आवाज 100 डेसिबल तक रहता है। मादा सिकाडा 40 से 50 विभिन्न स्थानों पर 400 से ज्यादा अंडा देने की क्षमता रखती है। वह अंडा अक्सर पेड़ की टहनियों पर देती है। 6 से 10 सप्ताह तक टहनियों में रहने के बाद अंडा खुद व खुद नीचे गिरता है और 6 से 18 इंच तक जमीन के अंदर अपनी जगह बना लेती है। यह जमीन के अंदर भी क्रियाशील रहता है। इस कीड़ा पर शोध करने वाले का मानना है कि यह मिट्टी से बाहर केवल संभोग करने के लिए निकलता है। बाहर निकलते ही 2 से 4 हफ्ते तक इसकी आयु होती है। पेड़ की जड़ों में मिलने वाले रस सिकाडा कीड़े के आहार होते हैं। यह आमतौर पर अमेरिका और न्यूजीलैंड में देखने को मिलता है। इनका बसेरा होते हैं पेड़-पौधे और टहनियां। आईये देखते और जानते हैं सिकाडा कीड़े की खासियत, देखें वीडियो…
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