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नववर्ष व अम्बेडकर जयन्ती पर अधिवक्ता परिषद् का वर्चुअल कार्यक्रम

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रांची : 14 अप्रैल, बुधवार को संध्या 5-15 से 7-30 बजे तक अधिवक्ता परिषद् का क्षेत्रीय (बिहार – झारखण्ड प्रान्तों का ) वर्चुअल ” नववर्ष व समरसता दिवस समारोह” (डाॅ.भीमराव अम्बेडकर जयन्ती) का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता डाॅ.मोहन सिंह ने कहा कि विश्व का सबसे प्राचीन देश भारत ज्ञान-विज्ञान व समृद्धि में अग्रणी रहा,यह सोने की चिड़िया कहलाता था । कृषिप्रधान देश होने के बाद भी हर क्षेत्र में सिरमौर था । डाॅ. हेडगेवार और डाॅ.भीमराव अम्बेडकर दोनों ने समाज की छुआछूत, दलितों के मंदिर प्रवेश जैसी कुरीतियों को दूर करके सामाजिक समरसता पर जोर दिया ।

डाॅ.भीमराव अम्बेडकर तुष्टिकरण के विरोधी थे । उन्होंने कहा था कि संघ के द्वितीय सरसंघचालक श्री गोलवलकर जी और मैं सम्पूर्ण समाज में समरसता का भाव जागृत कर रहे हैं। इस अवसर पर क्षेत्र प्रचारक श्री रामनवमी जी ने डाॅ.हेडगेवार और डाॅ.भीमराव अम्बेडकर की तुलना करते हुए दोनों के जन्मदिवस को दबे-कुचले, पिछड़े समाज के लोगों की सहायता व विकास के लिए समाज को खड़ा करके आपसी समरसता पर बल दिया । समाज संगठित होकर पुनः विश्व गुरू बने,सबका सिरमौर बने,सामाजिक समरसता से समर्थशाली बने,राष्ट्र का पुनर्निर्माण हो । उन्होंने कहा कि डाॅ.भीमराव अम्बेडकर प्रताड़ित होने के बाद भी आक्रोश से परे रहकर देशभक्त रहे और सबको साथ लेकर चले।

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मुख्य अतिथि बिहार सरकार के विधिमंत्री श्री प्रमोद कुमार ने कहा कि आज समाज में असहिष्णुता व भ्रामकता फैलाकर दलित समाज से लोगों की दूरी बनाकर सांस्कृतिक राष्ट्रवाद से उन्हें दूर रखा जा रहा है ।अम्बेडकर जी कभी भी हिन्दुओं के विरोधी नहीं रहे ।इससे पूर्व झारखण्ड प्रान्त के अध्यक्ष श्री राजेन्द्र मिश्र ने भारतीय नववर्ष पर विस्तार से बताया और कहा कि हमारा भारतीय नववर्ष पूर्णतया खगोलीय घटनाक्रम पर आधारित है और सभी प्रचलित संवत्सरों में सबसे पुराना विक्रम संवत् है जो राजा विक्रमादित्य के समय से प्रारम्भ हुआ है । ब्रम्हाजी द्वारा सृष्टि प्रारंभ करने के समय से चैत्र शुक्लपक्ष प्रतिपदा को भारतीय नववर्ष मनाया जाता आ रहा है । अभी कलियुग का 5123 वां एवं विक्रम संवत 2078 प्रारंभ हुआ है । समारोह में अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद् के क्षेत्रीय मंत्री श्री सुनील कुमार ने भी अपने विचार रखे । केन्द्रीय कार्यालय मंत्री श्री संतोष कुमार भी शामिल हुए ।

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कार्यक्रम के प्रारंभ में श्रीमती इन्दु पाराशर ने सस्वर वन्दे मातरम् का गायन किया । संचालन झारखण्ड प्रान्त के उपाध्यक्ष श्री विजय नाथ कुंवर ने और धन्यवाद ज्ञापन बिहार प्रान्त के महामंत्री श्री संजीव कुमार ने किया । समारोह में भारी संख्या में पुरूष-महिला अधिवक्तागण उपस्थित थे जिनमें प्रमुख सर्वश्री मोतीलाल राय, राजेन्द्र कृष्ण, प्रशान्त कुमार सिंह, प्रशान्त विद्यार्थी, भोला प्रसाद, प्रभात कुमार, आशुतोष दुबे,मनोज कुमार, चन्द्रशेखर पाठक,हाराधन प्रमाणिक, रामनाथ सिंह, रितेश सिंह, सुधीर पाण्डेय, रितेश कुमार बाॅबी , भीम जी,अरविंद कुमार अर्चना सिंह हिमांशु कुमार सिन्हा ,रानी सिंह, वर्षा सिन्हा,अरविंद ठाकुर, प्रमोद गुप्ता , प्रबीर पाण्डेय , प्रतिभासिंह , कृष्णगोपाल निताई, लीना मुखर्जी, राणा एस.एन.सिंह , अनुपम आनन्द थे ।

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