Ranchi(Akhilesh Kumar) : राजधानी रांची से सटे टाटीसिल्वे का EEF मैदान शुक्रवार को भक्तिमय उल्लास से तब भर उठा, जब 2100 महिलायें सिर पर कलश लिये, श्रद्धा और आस्था के साथ निकलीं। हर गली, हर मोड़ पर ‘राधे-राधे’ और ‘जय श्रीराम’ के जयघोष गूंज रहे थे। भक्तों में एक अजीब सी उमंग, तरंग और उत्साह झलका। महिलायें सिर पर पवित्र जल से भरे कलश को संभालती हुईं जब आगे बढ़ीं, तो पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
चार किलोमीटर के इस धार्मिक परिक्रमा में सात खंडों में बंटे समूहों ने भाग लिया, जिनमें प्रत्येक में 300 महिलायें थीं। हर खंड के साथ अलग-अलग वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनियां गूंज रही थीं। कलश में 27 तीर्थ स्थलों से लाया गया पवित्र जल भरा गया था, जिसमें त्रिवेणी संगम, सरयू, गंगोत्री, यमुनोत्री, राधा कुंड (गोवर्धन) और नंदीग्राम अयोध्या का जल सम्मिलित था।कलश यात्रा के बाद कथा स्थल में सभी 2100 कलशों को पंडाल में विधिपूर्वक स्थापित किया गया, महिलाओं को प्रसाद और फल वितरित किये गये। इसके बाद भजन संध्या का आयोजन हुआ। इस अवसर पर जैलेन्द्र कुमार, राषेष्वर नाथ मिश्रा, मनोरंजन मिश्रा, उमेष प्रसाद, राजन साहु, त्रिपुरेष्वर मिश्रा, षंकर प्रसाद, आषुतोष द्विवेदी सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। कल यानी शनिवार से आठ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आरंभ होगा, जिसमें प्रसिद्ध कथावाचक पूज्य इंद्रेश जी महाराज दोपहर 3 बजे से व्यासपीठ पर विराजमान होंगे। कथा प्रतिदिन शाम 7 बजे तक चलेगी, जिसमें हजारों भक्तों के भाग लेने की संभावना है। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे जरूरतमंद थैलेसिमिक, सिकल-सेल-एनिमिया और हिमोफिलिया से पीड़ित बच्चों के लिये रक्तदान कर सेवा और पुण्य का लाभ भी उठायें।
कथा स्थल पर भक्तों की इन सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है—
- गुलाब जल और इत्र सेवा।
- धार्मिक वस्तुओं की बिक्री के स्टॉल।
- निःशुल्क आरती पुस्तिका का वितरण।
- 10 काउंटरों पर प्रसाद वितरण।
- दो शू-स्टैंड और चार मोबाइल शौचालय वाहन।
- दिल्ली की एक्सपर्ट टीम द्वारा व्यवस्था संचालन।
- नि:शुल्क पेयजल, चाय और चिकित्सा सुविधायें।
- सुगम पार्किंग (कार के लिए ₹30, बाइक के लिए ₹10)।












